व्यापार
21-Jan-2026


सोना पहली बार 1.5 लाख पार, चांदी 10 हजार बढक़र 3.20 लाख पर पहुंची सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! नई दिल्ली(ईएमएस)। सोने और चांदी की कीमतें ताजा रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्रीनलैंड संकट पर बढ़ते तनाव के बीच मजबूत सेफ-हेवन मांग से दोनों महंगी धातुओं के दाम में जमकर इजाफा हुआ। जापानी सरकारी बांडों में मंदी से अतिरिक्त समर्थन मिला। बुधवार को 10 ग्राम सोने की कीमत 151,575 पर खुली जबकि पिछले सत्र में यह 150,565 थी। कीमती धातु आज 153,831 प्रति 10 ग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। बुधवार को एमसीएक्स पर 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 322,566 से शुरू हुई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 323,672 थी। सफेद धातु आज 1 किलोग्राम के लिए 326,487 की नई सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गई। अगर अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो सोना 2026 के मध्य तक 1,90,000 के स्तर को छू सकता है। ग्लोबल टेंशन और ग्रीनलैंड विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जिद और इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी ने वैश्विक बाजारों बाजारों अस्थिरता बढ़ गई है। जब भी दुनिया में ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर भागते हैं। रुपए की रिकॉर्ड कमजोरी भारत में सोने की कीमत केवल वैश्विक दरों पर नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती है। आज रुपया डॉलर के मुकाबले 91.10 के ऑल-टाइम लो पर है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, रुपए की कमजोरी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदे जाने वाले सोने की लैंडिंग कॉस्ट भारत में बहुत महंगी हो गई है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें 1.5 लाख के पार निकल गईं। सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (जैसे भारत का आरबीआई) अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने का स्टॉक बढ़ा रहे हैं। वल्र्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी सेंट्रल बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं। विनोद उपाध्याय / 21 जनवरी, 2026