क्षेत्रीय
27-Jan-2026
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- मजदूरों का आरोप वन अधिकारी नहीं दे रहे मजदूरी - परेशान 70 मजदूर धरने पर बैठे शिवपुरी (ईएमएस)। शिवपुरी जिले में वन विभाग के कुछ अधिकारियों पर मजदूरी का पैसा नहीं देने के आरोप लगे हैं। शहडोल के मजदूरों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पर आकर यहां पर कलेक्टर को एक शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया कि वह शहडोल से शिवपुरी मजदूरी करने के लिए आए थे। यहां पर वन विभाग के अधिकारियों ने बदरवास और कोलारस क्षेत्र में प्लांटेशन और गड्ढे एवं अन्य कार्य कराया लेकिन उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया। मजदूरी मांगते हैं तो पैसे नहीं दिए जाते हैं। इन्हें मजदूरी नहीं मिलने से खाने के लाले पड़ गए हैं। नाराज 70 मजदूर मंगलवार को कलेक्टर परिसर में पहुंचे और यहां पर अपनी गृहस्थी का सामान का डेरा डालकर इन मजदूरों ने उनका भुगतान कराने की मांग की। कलेक्ट्रेट परिसर में डेरा डाला- जिला मुख्यालय पर मंगलवार को मजदूरी न मिलने से नाराज शहडोल जिले के करीब 70 मजदूरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में डेरा डाल दिया। मजदूरों का कहना है कि जब तक उन्हें पूरी मजदूरी नहीं दी जाती, वे कलेक्ट्रेट से नहीं हटेंगे। मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले तीन माह से लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। मजदूरों ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने ग्राम गणेशखेड़ा, तहसील कोलारस में 2232 मीटर दीवार का निर्माण किया है। इसके अतिरिक्त, लुकवासा रांची में 820 मीटर पत्थर की दीवार और बदरवाद क्षेत्र में 1.5म1.5 फीट के 30 हजार गड्ढे खोदने का कार्य भी किया है। वन अधिकारियों पर लगाए आरोप- ठेकेदार ममता आदिवासी ने बताया कि हमारे सारे लोगों की कुल मजदूरी राशि 13 लाख 34 हजार 560 रुपए बनती है। इसमें से अब तक उन्हें केवल 2 लाख 55 हजार रुपए का ही भुगतान किया गया है। शेष राशि न मिलने के कारण मजदूर अपने घर-परिवार और बच्चों के लिए पैसे नहीं भेज पा रहे हैं। ठेकेदार ममता आदिवासी ने बताया कि डिप्टी रेंजर तुलाराम दिवाकर जो मजूदरी रेट देने का वादा किया उसे पूरा नहीं किया। हमें तय रेट के साथ-साथ पूरा भुगतान नहीं किया जा रहा है। पीड़ित मजदूरों ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर शिवपुरी से दर्ज कराई है और उचित कार्रवाई की मांग की है। रंजीत गुप्ता/ईएमएस/27/01/2026