-इससे वैश्विक व्यापार और तेल की कीमतों पर पड़ेगा गंभीर असर तेहरान,(ईएमएस)। ईरान एक बार फिर फारस की खाड़ी में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस बार वह पानी के नीचे घातक बारूदी सुरंगें बिछाई जा रही हैं। यह सब ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप बार बार अटैक की धमकी दे रहे हैं। ईरान की यह रणनीति वैश्विक शिपिंग और तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करती है। विशेषज्ञ कह रहे कि यह सबकुछ देखकर अमेरिकी सेना कांप उठती है। यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने इस तरह की रणनीति अपनाई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 1980-1988 के ईरान-इराक युद्ध के बाद से ही यह खतरा वैश्विक शिपिंग और तेल आपूर्ति पर मंडरा रहा है। उस समय ईरान ने वास्तव में शिपिंग मार्गों में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं। तत्कालीन रॉयल नेवी के बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाजों को उन्हें साफ करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी, जिससे उन्हें ईरान की इस क्षमता का सीधा अनुभव हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान और ओमान के बीच स्थित संकरा होर्मुज स्ट्रे़ट दुनियाभर के व्या पार के लिए अहम रास्ता है। दुनिया का नेचुरल गैस निर्यात का करीब 20 फीसदी और विश्व के तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का 20 से 25 फीसदी हिस्सा हर साल इसी रास्तेप से होकर गुजरता है। इस रणनीतिक मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने से वैश्विक व्यापार और तेल की कीमतों पर निश्चित रूप से गंभीर असर पड़ेगा। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान नौसेना में तेजी से बारूदी सुरंगें बिछाने का अभ्यास कर रहा है। यह दर्शाता है कि ईरान की सैन्य योजना में यह एक अहम घटक है और वह इस क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है। यदि ईरान ऐसे किसी भी कदम को अंजाम देता है, तो इसके वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं। दुनिया भर के देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन इस स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सिराज/ईएमएस 01 फरवरी 2026