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01-Feb-2026
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नई दिल्ली(ईएमएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अपनी पूरी टीम के साथ संसद भवन पहुंच चुके हैं। आज, 1 फरवरी को वित्त मंत्री अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं। यह बजट वित्त वर्ष 2026-2027 (अप्रैल 2026 से मार्च 2027) के लिए सरकार का वित्तीय खाका पेश करेगा। इस ऐतिहासिक पल के साथ ही निर्मला सीतारमण के नाम लगातार सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड भी दर्ज हो जाएगा। देशभर के करदाताओं और उद्योग जगत को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। वर्तमान में वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितताओं और विशेष रूप से अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे नए टैरिफ (आयात शुल्क) के दबाव के बीच, यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षा कवच माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस बार खर्च और बचत के बीच एक बारीक संतुलन बनाने की कोशिश करेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य ऐसे सरल और प्रभावी सुधार लागू करना है जिससे बाहरी आर्थिक झटकों का असर घरेलू बाजार पर कम से कम पड़े।अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इस बजट में पूंजीगत व्यय में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, यह वृद्धि महामारी के तुरंत बाद देखी गई असाधारण रफ्तार से थोड़ी कम रह सकती है, लेकिन बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार का ध्यान बरकरार रहेगा। मध्यम वर्ग को उम्मीद है कि आयकर स्लैब में बदलाव या स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि के जरिए कुछ राहत दी जाएगी ताकि बढ़ती महंगाई के बीच बचत को प्रोत्साहित किया जा सके। वित्त मंत्री के पिटारे से आज क्या निकलता है, इस पर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं क्योंकि भारत वर्तमान में वैश्विक विकास के प्रमुख इंजन के रूप में उभरा है। वीरेंद्र/ईएमएस/01फरवरी2026