जशपुर(ईएमएस)। जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी और विधिसम्मत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को एनडीपीएस मामलों की जांच और विवेचना से जुड़ी बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शैलेन्द्र पटवर्धन, डिप्टी डायरेक्टर (अभियोजन) सुरेश कुमार साहू, सहायक निदेशक अभियोजन विपिन्न कुमार और सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विवेक शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन, जब्ती, सैंपलिंग और दस्तावेजी साक्ष्यों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने न्यायिक दृष्टिकोण से विवेचना मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि दोषियों को अदालत में सजा दिलाना आसान हो सके। डीआईजी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने अधिकारियों को एनडीपीएस मामलों में सूक्ष्म प्रक्रियाओं का पालन, विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने और अभियोजन विभाग से बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ ठोस प्रकरण तैयार कर न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखना जरूरी है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश शैलेन्द्र पटवर्धन ने तकनीकी साक्ष्यों, विधिवत दस्तावेजीकरण और पूरी विवेचना का स्पष्ट रिकॉर्ड रखने के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। अभियोजन अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 व 57 के पालन, जब्त मादक पदार्थों के फॉरेंसिक परीक्षण, सुरक्षित अभिरक्षा, चेन ऑफ कस्टडी और बहु-आरोपी मामलों में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले, डीएसपी अजाक-क्राइम भावेश कुमार समरथ सहित जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी, एसपी रीडर मुकेश कुमार झा और वर्चुअल माध्यम से सभी विवेचक शामिल हुए। सत्यप्रकाश(ईएमएस)09 फरवरी 2026