जांजगीर। जिले के ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर भवन में कृषक चेतना मंच के नेतृत्व में किसानों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की करीब 15 सहकारी समितियों से जुड़े किसान शामिल हुए। बैठक में किसानों ने धान खरीदी नहीं होने की समस्या को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। किसानों का कहना था कि वे अधिकांशतः सहकारी समितियों के ऋणी हैं, लेकिन इस बार उनका एक क्विंटल धान भी नहीं खरीदा गया। छत्तीसगढ़ में किसानों की आर्थिक गतिविधियां मुख्यतः धान की फसल पर निर्भर रहती हैं, ऐसे में खरीदी नहीं होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बैठक में कई किसान अपने हालात को लेकर हताश और निराश नजर आए। किसानों ने बताया कि धान खरीदी रुकने से खेती-किसानी के साथ रोजमर्रा की जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कृषक चेतना मंच के माध्यम से सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। मंच के संयोजक ठाकुर राजशेखर सिंह और सहसंयोजक संदीप तिवारी ने कहा कि धान खरीदी नहीं होना गंभीर समस्या है और सरकार को इसकी जांच कराकर शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर पूर्ण खरीदी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बैठक के बाद किसानों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें धान खरीदी नहीं होने से उत्पन्न आर्थिक और सामाजिक संकट का उल्लेख करते हुए त्वरित समाधान की मांग की गई।