- यह कानूनन अपराध है, वायरल पेपर या सॉल्यूशन फर्जी होते हैं - स्टूडेंट को फंसाने सायबर ठग भी बिछाते है जाल भोपाल(ईएमएस)। एमपी बोर्ड की परीक्षा से पहले ही टेलीग्राम के जरिए बेचे जाने वाले प्रश्नपत्र फर्जी होत है। ऐसे पेपर को बेचने और खरीदने को लेकर साइबर क्राइम, पुलिस कमिश्नरेट भोपाल द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। - लीक पेपर फर्जी होते है एडवायजरी में कहा गया है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लीक पेपर एवं फर्जी प्रश्नपत्रों से सभी छात्र और विशेष रुप से अभिभावक सावधान रहें। हाल ही में बोर्ड परीक्षाओं से पहले लीक पेपर और फर्जी प्रश्नपत्र सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और अन्य माध्यमों पर फैलाए जा रहे हैं। इनसे छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है, और कई बार आर्थिक धोखाधड़ी भी की जाती है। - पुलिस की चेतावनी, ऐसे मामलों में शामिल होना कानूनन अपराध विभाग द्वार चेतावनी दी गई है, की किसी भी अनजान लिंक, ग्रुप या व्यक्ति से प्राप्त प्रश्नपत्र को असली न मानें। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले पेपर या सॉल्यूशन फर्जी हो सकते हैं। पैसे लेकर पेपर उपलब्ध कराने वाले लोग धोखेबाज हैं और ऐसे मामलों में शामिल होना भी कानूनन अपराध है। - छात्रों और अभिभावकों के लिए सुझाव एडवायजरी में बताया गया है कि केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और स्कूल-कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी पर भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध मैसेज या फर्जी पेपर को तुरंत पुलिस या स्कूल प्रशासन को सूचित करें। परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दें और इस तरह की अफवाहों से बचें। किसी भी व्यक्ति को पैसे देकर पेपर खरीदने की कोशिश न करें। - केवल परीक्षा केंद्र पर ही मिलता है बोर्ड परीक्षा का पेपर बोर्ड परीक्षा का प्रश्नपत्र केवल परीक्षा केंद्र पर ही मिलता है। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाला कोई भी पेपर फर्जी है। ऐसे लोगों से सावधान रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह एडवायजरी छात्रों, अभिभावकों और आम जनता को जागरूक करने के लिए है, ताकि कोई भी पेपर लीक या फर्जी प्रश्नपत्र के जाल में न फंसे। संदिग्ध पेपर या मैसेज मिलने पर अथवा किसी भी प्रकार की सायबर काईम संबंधित घटना होने की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन अथवा सायबर क्राइम भोपाल के हेल्पलाइन नम्बर 9479990636 अथवा राष्ट्रीय हेल्पलाईन नंबर 1930 पर दें। - प्रश्नपत्र बेचने वालो के खिलाफ सायबर ने दर्ज की है एफआईआर गौरतलब है कि एमपी बोर्ड की परीक्षा से पहले ही जालसाजों ने टेलीग्राम के जरिए फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। शातिर जालसाजों ने फर्जी प्रश्नपत्रों को असली दिखाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के लोगो और मोनो का दुरुपयोग किया है। मामले में बोर्ड से शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी पहचान जुटाने के प्रयास शुरु कर दिये है। क्राइम ब्रांच अधिकारियो के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की और से मिली शिकायत में बताया गया है, कि कुछ टेलीग्राम चैनलों के जरिए छात्रों से रकम वसूलकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान टेलीग्राम पर अब तक एमपी बोर्ड एग्जाम पेपर 2026, एमपी बोर्ड पेपर, एमपी बोर्ड 2025 एग्जाम पेपर, एमपी बोर्ड पेपर लीक, ऑल बोर्ड्स पेपर 2026, एमपी बोर्ड ऑफिशियल और एमपी बोर्ड प्रश्न 2026 जैसे सात चैनल सामने आए हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ आगे की जांच शुरू कर दी है। जुनेद / 10 फरवरी