देहरादून (ईएमएस)। बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत आकाश ने कहा है कि रिस्पना, बिंदाल एलिवेटेड रोड निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 12 फरवरी को नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर सचिवालय कूच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए बस्तीवासियों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को सुबह सभी बस्तीवासी पूर्वाहन साढ़े दस बजे गांधी पार्क के बाहर इकटठा होंगें और वहां से सचिवालय कूच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस रैली के माध्यम से मुख्य सचिव को एक लाख हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में बस्तियों को मालिकाना हक देने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बावजूद भी देहरादून अनेकों स्थान पर बस्तियों को उजाडा गया। उन्होंने कहा कि जनता की असहमति व विरोध के बावजूद भी एलिवेटेड को मंजूरी देकर हजारों परिवारों को बेघरबार करने का फैसला लिया गया वहीं नगर निगम देहरादून द्वारा अकेले बिन्दाल क्षेत्र में पड़ने वाले 872 घरों तोड़ने के लिए चुना गया। उन्होंने कहा कि आज अकेले देहरादून नगर निगम की 60 प्रतिशत आबादी इन्ही बस्तियों में रह रही है। उन्होंने कहा कि जहां न केवल देहरादून बल्कि हमारे राज्य का मेहनतकश वर्ग चाहे वह चालक, राजमिस्त्री हो या फिर ध्याडी मजदूर या फिर बिजली ,पानी कार्य करने वाले हो इन्ही बस्तियों से आते हैं, घरों काम करने वाली कामकाजी महिलाएं तथा सब्जी, रेहड़ी, पटरी व्यवसाय जिनके बना जीवन संचालित होना सम्भव नहीं है। संयोजक ने कहा है कि आबादी का यह बड़ा हिस्सा बड़े कष्टों जीवन यापन करने के बावजूद अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है। बस्ती बचाओ आन्दोलन द्वारा माननीय हाईकोर्ट नैनीताल में एलिवेटेड रोड तथा नगर निगम, एमडीडीए द्वारा 872 मकानों को तोड़ने के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है ,जनसुनवाई में प्रभावितों के विरोध के बावजूद जिलाधिकारी देहरादून की ओर एलिवेटेड रोड़ भूमि अधिग्रहण के लिए समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है,जिसमें बताया गया है कि 2800 प्रभावितों में से मात्र 372 कानून सम्मत मुआवजे एवं पुर्नवास के हकदार हैं जो कि अन्य प्रभावितों के साथ भारी अन्याय है। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/10 फरवरी 2026