राष्ट्रीय
11-Feb-2026
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सुपौल(ईएमएस)। मशहूर पार्श्व गायक उदित नारायण झा एक बार फिर कानूनी और पारिवारिक विवादों के घेरे में आ गए हैं। उनकी पहली पत्नी होने का दावा करने वाली रंजना नारायण झा ने बिहार के सुपौल महिला थाना में उदित नारायण, उनके दो भाइयों और उनकी दूसरी पत्नी के खिलाफ आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई है। रंजना झा का सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि एक गहरी साजिश के तहत इलाज के बहाने उनकी जानकारी के बिना उनका गर्भाशय निकलवा दिया गया। अब 61 वर्ष की उम्र में रंजना बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझते हुए न्याय की गुहार लगा रही हैं। रंजना झा के अनुसार, उनका विवाह 7 दिसंबर 1984 को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उदित नारायण से हुआ था। शादी के कुछ समय बाद उदित अपने करियर को संवारने के लिए मुंबई चले गए, जिसके बाद धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरियां बढ़ती गईं। रंजना का कहना है कि उन्हें मीडिया के माध्यम से पता चला कि उनके पति ने दूसरी शादी कर ली है। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई या सवाल किए, तो उन्हें कभी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। रंजना का आरोप है कि उन्हें न केवल उनके वैवाहिक अधिकारों से वंचित किया गया, बल्कि उनके साथ लगातार वादाखिलाफी और उत्पीड़न भी किया गया। इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप 1996 की एक घटना से जुड़ा है। रंजना ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया है कि उन्हें इलाज के बहाने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल ले जाया गया था। वहां उन्हें बिना बताए और बिना उनकी स्पष्ट सहमति के उनका गर्भाशय निकाल दिया गया। इस बात का खुलासा उन्हें बहुत समय बाद तब हुआ जब वह किसी अन्य बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास पहुंचीं। रंजना इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहती हैं कि इस घटना ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से अपूरणीय क्षति पहुंचाई है ताकि उनका वंश आगे न बढ़ सके। रिश्तों के कड़वेपन का जिक्र करते हुए रंजना ने बताया कि जब वह अपने हक के लिए मुंबई स्थित पति के घर पहुंचीं, तो उन्हें वहां अपमानित किया गया और घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया। इसके बाद वह नेपाल स्थित अपनी ससुराल भी गईं, लेकिन वहां भी उन्हें कोई सहारा नहीं मिला, जिसके बाद वह अपने मायके में रहने को मजबूर हो गईं। वर्तमान में वह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं और वित्तीय संकट से गुजर रही हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक उन्हें केवल आश्वासन मिलते रहे, लेकिन ठोस सहायता नहीं मिली, जिस कारण उन्हें अब पुलिस की शरण लेनी पड़ी है। सुपौल महिला थाना ने आवेदन स्वीकार कर लिया है और पुलिस अब इन गंभीर आरोपों की विस्तृत जांच शुरू करेगी। हालांकि यह विवाद नया नहीं है और इससे पहले भी मामला महिला आयोग तक पहुंच चुका है, लेकिन अंग निकालने के नए और संगीन आरोपों ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल उदित नारायण या उनके परिवार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस अब अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड्स और गवाहों के आधार पर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश करेगी।