11-Feb-2026
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- रांझी में मुनि श्री प्रमाण सागर जी के प्रवचन जबलपुर (ईएमएस)। धर्म हमें बाहर के सुख साधन नहीं देता धर्म हमें स्थिरता देता है उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने रांझी में प्रातःकालीन धर्मसभा में व्यक्त किये। मुनि श्री ने कहा कि ज्यादातर लोगों की मान्यता है कि यदि हम धर्म करेंगे तो हमें खूब धन मिलेगा कभी अभाव या अल्पता या कोई भी शारीरिक या मानसिक परेशानी नहीं आयेगी जीवन में हर प्रकार की सुख सुविधा नौकर चाकर गाड़ी बंगला सभी रहेगी यदि आप लोगों की यही सोच है तो यह धारणा ही गलत है? यदि यह सब नहीं मिलता तो प्रश्न उठता है कि धर्म हमें क्या देता है,तथा धर्मी के पास क्या होंना चाहिये? यदि में धर्मी हूँ तो में धर्म के नाम पर क्या कर रहा हूं और मुझे क्या करना चाहिये? ये चार सवाल आप सभी के सामने रख रहा हूं। मुनि श्री ने कहा कि सबसे पहली बात तो धर्म हमें सुख और दुःख,संयोग और वियोग, इष्ट अनिष्ट, हानि लाभ, मान अपमान,तथा अन्य संकटों के क्षणों में स्थिरता प्रदान करता है, धर्म हमारे जीवन में मकान की नींव के समान है जो बड़ी से बड़ी हवेली को स्थिरता प्रदान करती है यदि उस नींव को हटा दिया जाये या नींव ही कमजोर हो तो वह मकान टिक नहीं सकता उसी प्रकार जिसके जीवन में धर्म नहीं है, उसके जीवन में कभी स्थिरता नहीं आ सकती धर्म अर्थात तत्वज्ञान की सही समझ, वस्तु स्वरुप का ज्ञान जिसको होता है वह मुसीबतों से कभी घबराहट महसूस नहीं करता मुनि श्री ने कहा कि एक धर्मी के जीवन में सही समझ, सही दिशा, संयम और संतोष रहता है, इसलिये वह कभी संकटो से रोता बिलखता नहीं, न ही वह घबराहट महसूस करता क्योंकि वह जानता है कि यह सब कर्म जनित संयोग वियोग है जहां समझ है वही स्थिरता है, उन्होंने कहा कि बोलो इस दुनिया में कोई भी एक आदमी है, जो यह कह सके कि में पूर्ण संतुष्ट और सक्षम हूं, कि मेरे जीवन में कभी दुःख आ ही नहीं सकता? हां ऐसा व्यक्ति जरुर मिल सकता है जो यह कहे कि में कभी दुखी नहीं हो सकता मुनि श्री ने कहा कि दुःख और संकटों के क्षणों में अपने आपको स्थिर रखने वाला व्यक्ती ही धर्मी है,जो अपने तत्वज्ञान के बल पर प्रत्येक संकटों से अपने आपको निकाल लेता है। उन्होंने अंजना का उदाहरण दिया जिसके उदर में तदभव मोक्षगामी हनुमान पल रहे थे फिर भी उसको झूठे लांक्षनों का सामना करना पड़ा लेकिन उसने तत्वज्ञान के बल पर अपने मन को स्थिर किया और उन संकटों से बाहर निकल कर आई। मुनिसंघ के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी, एवं सुवोध जैन कामरेड ने बताया दोपहर में शंकासमाधान के कार्यक्रम के बाद मुनि संघ का कुंडम की ओर विहार हो गया, जहां आज गुरुवार को मांगलिक प्रवचन एवं आहारचर्या होगी| सुनील साहू / मोनिका / 11 फरवरी 2026