राष्ट्रीय
13-Feb-2026
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-चेन्नई की स्पेसटेक स्टार्टअप जल्द ही अंतरिक्ष आधारित एआई डेटा सेंटर होस्ट करेगा नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारतीय कंपनी अग्निकुल कॉसमॉस वैश्विक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) एवं क्लाउड कंप्यूटिंग की दौड़ के लिए तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रतिस्पर्धा पृथ्वी पर नहीं अंतरिक्ष में होगी। चेन्नई की स्पेसटेक स्टार्टअप जल्द ही अंतरिक्ष आधारित एआई डेटा सेंटर को होस्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वह इस अवधारणा पर काम करने वाली एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स, गूगल और ऐक्सीअम जैसी खास कंपनियों की जमात में शामिल होने जा रही है। पहली बार कोई भारतीय कंपनी ऑर्बिटल डेटा सेंटर को सुगम बनाने के लिए काम कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विश्व स्तर पर भी पहली बार कोई कंपनी अपने प्रक्षेपण यान के एक्स्टेंडेबल अपर स्टेज को डेटा सेंटर होस्ट करने वाली सैटेलाइट बस के तौर पर इस्तेमाल करने की पेटेंट वाली प्रौद्योगिकी उपलब्ध करा रही है। कंपनी ने एआई डेटा सेंटर को रखने की अपनी क्षमता की ही घोषणा नहीं की है, बल्कि बेंगलुरु की कंपनी नीवक्लाउड को अपने पहले ग्राहक के रूप में शामिल भी कर लिया है। अनुबंध के मुताबिक नीवक्लाउड के एआई सुपरक्लाउड प्लेटफॉर्म द्वारा विकसित कक्षा आधारित एआई डेटा सेंटर मॉड्यूल को अग्निकुल अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करेगी। नीवक्लाउड इस प्लेटफॉर्म पर रियल टाइम एआई इंफरेंस ऐप्लिकेशन को चलाएगी। अग्निकुल के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी मोइन एसपीएम ने बताया कि रॉकेट आम तौर पर एक लॉजिस्टिक्स साधन होता है। हम अपनी पेटेंट वाली प्रौद्योगिकी के जरिये प्रक्षेपण यान के एक्स्टेंडेबल अपर स्टेज को डेटा सेंटर होस्ट करने वाली सैटेलाइट बस के रूप में एक अलग सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। यह अन्य वैश्विक कंपनियों द्वारा किए जा रहे कार्यों से अलग है। यह ग्राहकों को उपग्रह बनाने जैसी अन्य जटिलताओं से बचाते हुए जीपीयू, कंप्यूटिंग एवं अन्य टेक्नॉलजी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने की सहूलियत देती है। उनके कुछ काम को हम अपने कंधों पर ले रहे हैं। यह गठबंधन नीवक्लाउड एआई सुपरक्लाउड स्केलिंग रोडमैप के लिए एक अहम एनेबलर ब्लॉक के रूप में कार्य करता है। इससे उसे अगले तीन सालों में अपने नेटवर्क को 600 से ज्यादा ऑर्बिटल एज डेटा सेंटर तक विस्तारित करने में मदद मिलेगी। यह उपग्रह समूह रियल टाइम एआई इंफरेंसिंग क्षमता के रूप में लगातार काम करेगा जो धरती पर मौजूद उपकरणों से बड़े पैमाने पर डेटा को अंतरिक्ष में एआई चिप्स पर ऑफलोड करेगा। बता दें अग्निकुल का प्रवेश ऐसे समय में हो रहा है जब एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स अपनी एआई फर्म एक्सएआई का अधिग्रहण कर रही है। इसे डेटा सेंटर को अंतरिक्ष में भेजने की एक एकीकृत रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। एक अन्य अमेरिकी कंपनी स्टारक्लाउड भी इस अवधारणा पर काम कर रही है। गूगल भी प्रोजेक्ट सनकैचर नाम से एक पहल कर रही है जिसका उद्देश्य धरती पर बिजली, कूलिंग प्रणाली और जगह संबंधी बाधाओं से निपटने के लिए सौर ऊर्जा एवं ऑर्बिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल से पृथ्वी की निचली कक्षा में एआई समर्थ डेटा सेंटर तैनात करना है। गूगल रिसर्च और प्लैनेट लैब्स के संभवत: 2027 में पहले प्रोटोटाइप की झलक दिखाएगी।