राज्य
18-Feb-2026
...


- वादों पर मौन, किसानों-महिलाओं-युवाओं से छल - अमित चौरसिया इन्दौर (ईएमएस) मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा कि यह बजट विकास का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि जुमलों का पुलिंदा है। भाजपा सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके लिए चुनावी वादे सिर्फ वोट लेने का माध्यम हैं, निभाने का कोई इरादा नहीं। अमित चौरसिया ने कहा कि नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने किसानों, महिलाओं और युवाओं से जो बड़े-बड़े वादे किए थे, वे इस बजट में पूरी तरह नदारद हैं। भाजपा के चार प्रमुख वादों पर सरकार ने बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया। किसानों को धान का MSP ₹3100 प्रति क्विंटल, किसानों को गेहूं का MSP ₹2700 प्रति क्विंटल, लाड़ली बहन योजना में ₹3000 प्रतिमाह, घरेलू गैस सिलेंडर ₹450 में इन घोषणाओं को बजट में स्थान न देना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार वादा-खिलाफी को ही अपनी नीति बना चुकी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि पिछले बजट में की गई घोषणाओं का क्या हुआ? कितनी योजनाएं धरातल पर उतरीं और कितनी सिर्फ कागजों में सीमित रहीं? वित्त मंत्री ने इसका कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया। अमित चौरसिया ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में केंद्र से मिलने वाली करों की हिस्सेदारी में लगभग ₹50 हज़ार करोड़ की संभावित कमी पर सरकार की क्या रणनीति है, इसका भी कोई खाका प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही केंद्र और राज्य की साझी योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में हजारों करोड़ रुपये की राशि लंबित है, उस पर भी सरकार मौन है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार केंद्र की कठपुतली बनकर प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में असफल रही है। प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “यह बजट मध्य प्रदेश की जनता के साथ सीधा धोखा है। किसानों को लागत का दाम नहीं, महिलाओं को सम्मानजनक सहायता नहीं, युवाओं को रोजगार का भरोसा नहीं—फिर यह बजट किसके लिए है? भाजपा सरकार ने वादों की झड़ी लगाई थी, लेकिन आज बजट में जनहित ‘सफाचट’ दिखाई देता है। प्रदेश की जनता इस छलावे को समझ चुकी है और समय आने पर जवाब अवश्य देगी।” आनंद पुरोहित/ 18 फरवरी 2026