राष्ट्रीय
22-Feb-2026
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बेंगलुरु(ईएमएस)।कर्नाटक में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने शिरहट्टी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चंद्रू लमानी को गिरफ्तार कर लिया है। विधायक के साथ उनके दो सहायकों, मंजुनाथ वाल्मीकि और गुरुनायक को भी हिरासत में लिया गया है। यह पूरी कार्रवाई सिंचाई परियोजना से जुड़े एक रिश्वत मामले में जाल बिछाकर की गई है, जिसने राज्य की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब गदग जिले के चिंचली निवासी प्रथम श्रेणी ठेकेदार विजय पुजारी ने लोकायुक्त में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, लघु सिंचाई विभाग के अंतर्गत सड़क के दोनों ओर रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) के निर्माण कार्य को सुचारू रूप से चलाने और बकाया बिलों के भुगतान की सुविधा के बदले विधायक द्वारा कथित तौर पर 11 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। लोकायुक्त अधिकारियों ने इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और उस समय दबिश दी जब विधायक और उनके सहायकों ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये स्वीकार किए। पुलिस ने मौके से ही तीनों को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विपक्षी दल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विधायक को रंगे हाथों पकड़ा गया है और अब विरोधियों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जांच में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी और लोकायुक्त को स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाएगा। वहीं, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी व्यंग्यात्मक लहजे में कटाक्ष करते हुए विपक्ष की ईमानदारी पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, भाजपा ने इस कार्रवाई पर रक्षात्मक रुख अपनाया है। प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि वे तथ्यों की विस्तृत पुष्टि के बाद ही आधिकारिक बयान देंगे, हालांकि पार्टी प्रवक्ताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल जानबूझकर विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रहा है। विधायक चंद्रू लमानी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही गदग में उनके समर्थकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। समर्थकों ने इस कार्रवाई को एक गहरी राजनीतिक साजिश करार देते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वर्तमान में पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि इस लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके। वीरेंद्र/ईएमएस/22फरवरी2026