22-Feb-2026
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- पुलिस ने युजर आई के खिलाफ दर्ज की एफआईआर - साल 2019 का वीडियो वायरल किया था भोपाल(ईएमएस)। सोशल मीडिया पर बच्चा चोर की अफवाह वाला फर्जी वीडियो वायरल करने वाले आरोपी के खिलाफ अयोध्या नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वीडियो जिस इंस्टाग्राम आईडी से वायरल किया गया था, उसके यूजर की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो साल 2019 का और उत्तर प्रदेश का है। इसमें एक किशोर को भोपाल में रहने वाला बच्चा चोर बताकर उससे मारपीट की गई और दबाव बनाया गया था, कि वह खुद को बच्चा चोर और भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बॉडी पार्टस बेचने वाला कहे। उस मामले में यूपी पुलिस ने एटा के चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की थी। - यह है फर्जी वीडियो का पूरा मामला पुलिस के मुताबिक बीती 19 फरवरी को सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम आईडी पृथ्वी-बनना 744 के यूजर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एक बालक को बांधकर बच्चा चोरी करने वाला बताया गया। तस्दीक करने पर वीडियो साल 2019 निकला और घटना झूठी होना पाया गया। क्योंकि इस तरह के वीडियो से समाज में डर और वैमनस्यता का वातावरण निर्मित होता है, और इसीलिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर भ्रामक संदेह और जानकारी प्रसारित करना प्रतिबंधित किए जाने संबंधी बीएनएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधित किए गए हैं। नतीजतन उक्त आदेश का उल्लंघन होने पर इंस्टाग्राम आईडी पृथ्वी-बनना 744 का उपयोग करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अयोध्या नगर थाने में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। - साल 2019 का है वायरल हो रहा फर्जी वीडियो पुलिस जॉच में सामने आया की सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी संबंधी वायरल वीडियो अगस्त 2019 का है, जो एटा जिला जालौन उत्तर प्रदेश में टोल नाके के पास एक बालक सोनू श्रीवास का है। पुलिस जॉच में पता चला था की सोनू श्रीवास अपनी बहन के घर जाने के लिए ढाबे के पास खड़ा होकर बस का इंतजार कर रहा था। तभी ढाबे के कुछ कर्मचारियों और तीन-चार लड़कों ने शराब के नशे में उसे बच्चा चोर बोलकर पकड़ा और बुरी तरह मारपीट की। मारपीट के बाद बालक का हाथ बांधकर एक खंभे से बांध दिया और डराया कि अगर मारपीट से बचना है, और घर जाना है, तो बच्चा चोर होना स्वीकार कर और एक बनी हुई कहानी बोलने के लिए उससे कहा गया। बच्चे ने डर के मारे खुद को बच्चा चोर होना और भोपाल अयोध्या नगर का रहने वाला बताया। वह बच्चे चुराकर उनके बॉडी पार्ट्स किडनी आदि भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बेचने की झूठी कहानी बोलता गया, जबकि वह बालक कभी भोपाल नही आया है, और वहीं आस-पास के टाडा गांव का रहने वाला है। उसका परिवार खेती-किसानी करता है। तस्दीक करने पर बच्चा चोर वाली घटना फर्जी निकली। स्थानीय पुलिस ने मारपीट करने और वीडियो बनाने वाले चारों आरोपियों अंकित वाल्मीकि, नीलू सिंह ठाकुर, अरविंद पाल और आशीष सभी निवासी एटा के खिलाफ थाना एट जिला जालौन उत्तर प्रदेश में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की थी। जुनेद / 22 फरवरी