क्षेत्रीय
22-Feb-2026
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वाराणसी (ईएमएस)। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बरेका), वाराणसी ने एक बार फिर लोकोमोटिव निर्माण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता और औद्योगिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। बरेका द्वारा निर्मित 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की दसवीं इकाई को 21 फरवरी,2026 को मोज़ाम्बिक के लिए सफलतापूर्वक रवाना किया गया। यह उपलब्धि बरेका की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और भारतीय रेल की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय साख का महत्वपूर्ण प्रमाण है। यह उल्लेखनीय है, कि बरेका को मोज़ाम्बिक के लिए 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के कुल 10 इंजनों के निर्माण एवं निर्यात का आदेश प्राप्त हुआ था, जिसके तहत सभी लोकोमोटिवों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में चरणबद्ध रूप से किया गया। निर्यात की समयबद्ध उपलब्धि इन लोकोमोटिवों की आपूर्ति एम/एस राइट्स (RITES) के माध्यम से 10 इंजनों के निर्माण एवं निर्यात अनुबंध के अंतर्गत की गई। प्रथम एवं द्वितीय लोकोमोटिव — जून 2025 तृतीय — सितंबर 2025 चतुर्थ — अक्टूबर 2025 पंचम — 12 दिसंबर 2025 षष्ठम — 15 दिसंबर 2025 सप्तम — 8 जनवरी 2026 अष्टम — 23 जनवरी 2026 नवम — 17 फरवरी 2026 दशम — 21 फरवरी 2026 यह निर्यात कार्यक्रम भारतीय रेलवे की उत्पादन दक्षता, तकनीकी विश्वसनीयता एवं समयबद्ध निष्पादन क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करता है। तकनीकी उत्कृष्टता और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बरेका द्वारा निर्मित ये अत्याधुनिक 3300 हॉर्स पावर केप गेज (1067 मिमी) लोकोमोटिव 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से संचालन में सक्षम हैं। इन इंजनों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें शामिल है। उन्नत एसी–एसी ट्रैक्शन तकनीक आधुनिक एवं एर्गोनॉमिक कैब डिज़ाइन चालक सुविधा हेतु रेफ्रिजरेटर, हॉट प्लेट एवं मोबाइल होल्डर उच्च दक्षता एवं सुरक्षित संचालन प्रणाली ये विशेषताएँ चालक सुविधा, परिचालन दक्षता एवं विश्वसनीयता को सुनिश्चित करती हैं और भारतीय इंजीनियरिंग की गुणवत्ता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। भारतीय रेल की प्रमुख उत्पादन इकाई बरेका, वाराणसी अब लोकोमोटिव निर्माण के एक महत्वपूर्ण वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। स्वदेशी डिजाइन, उन्नत विनिर्माण क्षमता एवं आधुनिक रेलवे प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता के बल पर बरेका वैश्विक रेलवे बाजार में भारत की उपस्थिति को सशक्त बना रहा है। अब तक बरेका 11 देशों को 182 लोकोमोटिव निर्यात कर चुका है, जिनमें — तंजानिया, वियतनाम, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, सूडान, अंगोला, म्यांमार, सेनेगल, माली तथा मोज़ाम्बिक शामिल हैं। इन निर्यातों से संबंधित देशों की रेलवे प्रणालियों के विकास एवं आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। मेक इन इंडिया’ एवं ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विज़न के अनुरूप यह उपलब्धि भारतीय रेल की उस क्षमता को प्रदर्शित करती है जिसके माध्यम से विभिन्न देशों की आवश्यकताओं के अनुरूप विविध गेज प्रणालियों के लिए रोलिंग स्टॉक का डिजाइन, निर्माण एवं आपूर्ति की जा सकती है। इन प्रयासों से भारत न केवल भागीदार देशों के रेल अवसंरचना उन्नयन में सहयोग प्रदान कर रहा है, बल्कि रेलवे रोलिंग स्टॉक एवं संबंधित सेवाओं के विश्वसनीय वैश्विक निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ कर रहा है। लोकोमोटिव निर्यात के क्षेत्र में बरेका की यह उपलब्धि भारत की बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता, औद्योगिक क्षमता और वैश्विक रेलवे उपकरण बाजार में उसके निरंतर विस्तारित प्रभाव को प्रतिबिंबित करती है। डॉ नरसिंह राम/ईएमएस/22/02/2026