क्षेत्रीय
23-Feb-2026
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झाबुआ (ईएमएस) जिले में मंगलवार से भगोरिया पर्व की रंगारंग शुरुआत होने जा रही है, इस पर्व का आखिरी भगोरिया हाट सोमवार को जिले के पेटलावद सहित सात स्थानों पर भरेगा। जिले के निवासी वो लोग जो कि काम की तलाश में शहरों की तरफ पलायन कर गए हैं, भगोरिया मनाने हेतु अब अपने घर लौटने लगे हैं।जनजातीय समुदाय के इस परंपरागत महत्व के पर्व को लेकर जनजातीय समुदाय में बड़ा उत्साह देखा जाता है, ओर इस पर्व का महत्व इस बात से भी जाहिर होता है कि प्रदेश शासन द्वारा गत वर्ष इस पर्व को राष्ट्रीय पर्व के रुप में मनाए जाने की घोषणा की गई है। होली पर्व के पहले जिले में विभिन्न स्थानों पर लगने वाले हाट बाजारों को ही भगोरिया हाट कहा जाता है, जिसे झाबुआ जिला सहित धार अलीराजपुर, खरगोन खंडवा जिलों में आदिवासी समुदाय द्वारा परंपरागत रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जीवन शैली में परिवर्तन और आधुनिकता के इस दौर में इन हाट बाजारों के स्वरुप में हालांकि बड़ा बदलाव आ चुका है, किंतु फिर भी इसके प्रति उत्साह और उमंग अभी बाकी है। इन हाट बाजारों में आज भी नृत्य और वादन की शानदार छटा दिखाई देती है। मंगलवार से शुरू होने वाला भगोरिया उत्सव आगामी सात दिनों तक निम्न स्थानों पर भरने वाले हाट में देखा जा सकेगा- मंगलवार 24 फरवरी, थांदला, पिटोल, खयडू, तारखेड़ी, बरबेट ओर अंधारवाट। बुधवार 25 फरवरी, उमरकोट, माछलिया, करवड़, बोड़ायता, कल्याणपुरा, मदरानी, ढेकल एवं कंजावानी। गुरुवार 26 फरवरी, पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई ओर चैनपुरा। शुक्रवार 27 फरवरी भगोर, बेकल्दा, मांडली ओर कालादेवी, शनिवार 28 फरवरी, राणापुर, मेघनगर, बामनिया ओर झकनावदा रविवार 1 मार्च, झाबुआ, रायपुरिया, ढोलियावाट ओर काकनवानी तथा अंतिम भगोरिया हाट बाजार सोमवार, 2 मार्च को जिले के पेटलावद, रंभापुर, मोहनकोट, कुंडनपुर, रजला, झिरी ओर खवासा में भरेगा। ईएमएस/ डॉ. उमेश चन्द्र शर्मा/ 23/2/2026/