राष्ट्रीय
24-Feb-2026


कन्नड़ फिल्म कांतारा से जुड़ा मामला मुंबई (ईएमएस)। कन्नड़ फिल्म कांतारा को लेकर की गई टिप्पणी के कारण बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह कानूनी विवाद में घिर गए हैं। मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाकर कहा कि “सुपर स्टार भी कानून से ऊपर नहीं है।” अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों को अपने शब्दों और आचरण के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। दरअसल विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर ने ‘कांतारा’ के चर्चित ‘दैव’ सीन की मिमिक्री की और देवी के रूप को ‘फीमेल घोस्ट’ कहकर संबोधित किया। उनकी इस टिप्पणी को लेकर कुछ लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताकर एफआईआर दर्ज करवा दी। मामला बढ़ने पर रणवीर सिंह ने राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और एफआईआर रद्द करने की मांग की। मामले की सुनवाई जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच ने की। कोर्ट में अभिनेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवैया पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि बयान औपचारिक कार्यक्रम के दौरान दिया था और उसका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था, बल्कि फिल्म की सराहना करना था। हालांकि, अदालत ने रणवीर के वकील के तर्क को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि रणवीर जैसे लोकप्रिय अभिनेता का समाज पर व्यापक प्रभाव होता है, इसलिए उन्हें बोलने से पहले विषय की संवेदनशीलता को समझना चाहिए था। न्यायालय ने उल्लेख किया कि फिल्म में ऋषभ शेट्टी देवी चामुंडी का रूप निभा रहे थे, जो आस्था से जुड़ा विषय है। इसके बाद उस प्रस्तुति की नकल करना और देवी को ‘भूत’ कहना निश्चित रूप से लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आप रणवीर सिंह हों या कोई और, लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। किसी देवी-देवता को भूत कहना ठीक नहीं है। आपको रिसर्च करनी चाहिए थी।” फिलहाल हाईकोर्ट ने रणवीर सिंह को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। यह मामला इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक हस्तियों को अपनी अभिव्यक्ति में संयम बरतना चाहिए, क्योंकि उनकी बातों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आशीष दुबे / 24 फरवरी 2026