नई दिल्ली (ईएमएस)। आमतौर पर कच्चा लहसुन सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से लहसुन खाने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और कुछ मामलों में यह गंभीर परेशानी का कारण भी बन जाता है। विशेषज्ञों की माने तो खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से सबसे अधिक प्रभावित पाचन तंत्र होता है। लहसुन में मौजूद एलिसिन और फ्रक्टन्स पेट के अम्ल को बढ़ा देते हैं, जिससे गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, जलन और सूजन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। संवेदनशील पेट वाले लोगों या जिन्हें पहले से एसिड रिफ्लक्स की समस्या रहती है, उनके लिए यह और अधिक हानिकारक साबित हो सकता है। इसके चलते छाती में जलन और खट्टे डकारों की समस्या भी बढ़ सकती है, क्योंकि कच्चा लहसुन पेट की ऊपरी मांसपेशियों को ढीला कर देता है और एसिड ऊपर की ओर आने लगता है। कच्चा लहसुन खाने का एक और आम दुष्प्रभाव है मुंह और शरीर से आने वाली तेज गंध। लहसुन में मौजूद सल्फर यौगिक मेटाबॉलिज्म के दौरान टूटकर सांस और पसीने के जरिए बाहर निकलते हैं, जिससे लंबे समय तक बदबू महसूस होती रहती है। इससे बचाव के लिए कच्चा सेब, पुदीना, सौंफ या नींबू पानी फायदेमंद माना जाता है। लहसुन प्राकृतिक रूप से खून को पतला करता है, इसलिए इसका अधिक सेवन रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकता है। खासकर सर्जरी से पहले इसका सेवन जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि यह प्लेटलेट्स की क्रिया को प्रभावित करता है और खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। कुछ लोगों में कच्चा लहसुन एलर्जी भी ट्रिगर कर सकता है, जिसके लक्षणों में खुजली, सूजन, दस्त, पित्ती या गंभीर स्थिति में सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 1–2 कली कच्चा लहसुन सामान्यत: सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन इसे खाली पेट खाने से बचना ही बेहतर है। किसी बीमारी, दवा के सेवन या सर्जरी की तैयारी चल रही हो, तो लहसुन का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें। कच्चा लहसुन सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसका सेवन हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होता। खासतौर पर खाली पेट कच्चा लहसुन खाना कई लोगों में असहजता और स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है। सुदामा/ईएमएस 25 फरवरी 2026