क्षेत्रीय
25-Feb-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एआईसीटीई (्रढ्ढष्टञ्जश्व इंडोवेशन सेंटर) के सहयोग से विश्वविद्यालय के आईटीबीआई सभागार में एम्पावर-एआई लीड-अपत्न कौशल एवं नवाचार 2026 विषय पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिखर सम्मेलन (्रढ्ढ स्ह्वद्वद्वद्बह्ल) का भव्य आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्री-एआई समिट के लिए केवल सीवीआरयू को ही यह दायित्व सौंपा गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना रहा। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बहुविषयक पृष्ठभूमि से आए विद्यार्थियों की उपस्थिति ने एआई के सामाजिक, शैक्षणिक और औद्योगिक प्रभावों को समझने का व्यापक मंच प्रदान किया। विशिष्ट वक्ताओं के रूप में विसोम्नी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुलदीप आनंद, इन्फैनो केयर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी करुणाकर बी., तथा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार सक्सेना ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने एआई में नवाचार, दक्षता, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सौरभ मित्रा एवं सह-संयोजक मारुतिनंदन समाधिया रहे। कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा और उद्योग की दिशा तय कर रही है तथा विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को नवाचार, शोध और राष्ट्रहित की भावना से प्रेरित करना है। कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने तकनीकी प्रगति में नैतिकता और सामाजिक दायित्व के समावेश को आवश्यक बताया। समकुलपति डॉ. जयति चटर्जी मित्रा ने युवाओं को एआई के सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। एआईसीटीई ने इस आयोजन को राष्ट्रीय पहचान प्रदान करते हुए विश्वविद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। यह शिखर सम्मेलन विद्यार्थियों में नवाचार आधारित सोच को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। मनोज राज 25 फरवरी 2026