प्रयागराज (ईएमएस)। उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में एडीजे पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ यौन शोषण की एफआईआर दर्ज हुई है। मामले में वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने बयान जारी कर दावा किया कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं जो आरोपियों को जेल पहुंचाएंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारी के साथ अपनी वायरल फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनी फर्जी तस्वीर बताया। यह कानूनी विवाद नाबालिग शिष्यों के शोषण के आरोपों और एक-दूसरे के आपराधिक इतिहास को लेकर शुरू हुआ है। वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष को आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति बताया था। इसके जवाब में आशुतोष ने चुनौती दी है कि स्वामी कोई भी ऐसा अदालती सबूत पेश करें जो उन्हें अपराधी साबित कर दें। आशुतोष का कहना है कि उनके खिलाफ 21 मुकदमों की जो सूची वायरल हुई है, वह पूरी तरह फर्जी है और पुलिस ने भी ऐसी किसी सूची की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद पीड़ित नहीं बल्कि केवल एक सूचनाकर्ता हैं जो बटुकों (बच्चों) को न्याय दिलाना चाहते हैं। बातचीत के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा और अविमुक्तेश्वरानंद की तुलना कालनेमी से की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी एक डिप्टी सीएम के इशारे पर माघ मेला में धरने पर बैठे थे, जिसकी जांच के लिए डीजीपी को पत्र भेजा गया है। आशुतोष ने घोषणा की है कि वे जल्द ही सनातन न्याय यात्रा निकलने वाले हैं, ताकि स्वामी की असलियत जनता के सामने ला सकें। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ गवाहों को डराया जा रहा है और झूठी साजिशें रची जा रही हैं। बीते शुक्रवार को एडीजे पॉक्सो कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान मुकुंदानंद के वकील ने 104 पेज का एफिडेविट दाखिल किया। इसमें आशुतोष पर 27 मुकदमे होने का दावा करते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 22 और 23 के तहत कार्रवाई की मांग की गई। आशीष दुबे / 25 फरवरी 2026