दतिया ( ईएमएस ) |दतिया जिले के विकासखंड सेवढ़ा की तहसील इंदरगढ़ अंतर्गत ग्राम खड़ौआ के प्रगतिशील कृषक श्री भोगीराम कुशवाहा ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत प्राकृतिक खेती को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। श्री कुशवाहा द्वारा गेहूं की फसल में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जीवामृत का उपयोग किया जा रहा है। वे सिंचाई के पानी के साथ जीवामृत को खेत में प्रवाहित करते हैं, जिससे फसल को आवश्यक पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से प्राप्त होते हैं। इस पद्धति से न केवल लागत में कमी आई है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता में भी निरंतर सुधार हो रहा है। किसान श्री कुशवाहा का कहना है कि प्राकृतिक विधि से उगाई गई गेहूं की फसल अधिक स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण है। फसल में रोग एवं कीट प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम देखने को मिला है। इससे उत्पादन में संतोषजनक वृद्धि के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी बढ़ा है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अपनाई गई इस पद्धति ने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रेरित किया है। ग्राम खड़ौआ में अब कई कृषक प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। भोगीराम कुशवाहा की यह पहल दर्शाती है कि यदि किसान नवाचार एवं वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं, तो कम लागत में अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। उनकी सफलता कहानी क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के प्रसार की दिशा में एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। श्री भोगीराम कुशवाह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न पहलों के लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।