नई दिल्ली (ईएमएस)। पीएम और सीएम के पदों से संबंधित 3 महत्वपूर्ण विधेयकों की समीक्षा के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति की बुधवार को अहम बैठक हुई. इन विधेयकों में प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री 30 दिनों तक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है. बैठक में 130वां संविधान संशोधन विधेयक 2025, जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक 2025 पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. 31 सदस्यों वाली इस जेपीसी की यह छठी बैठक थी, जो करीब तीन घंटे तक चली. समिति ने इस दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ इन विधेयकों के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा की. बैठक में मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य शासन सचिव के अलावा , पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च और इंडियन लॉ इंस्टिट्यूट के वरिष्ठ प्रतिनिधि पेश हुए. बैठक में सभी ने राजनीति के अपराधीकरण के खिलाफ भारत सरकार की मुहिम का समर्थन किया है. सरकार चाहती है कि पॉलिटिक्स को डेक्रिमिनलाइज़ किया जाये। मध्य प्रदेश सरकार ने सम्पूर्ण समर्थन दिया है. इससे पहले राजस्थान सरकार के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन किया था. इसके अलावा दो दूसरे संस्थाओं ने बिल में परिवर्तन का सुझाव दिया है. अब तक 14 संस्थाओं और 2 राज्य सरकारों ने जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी के सामने प्रेजेंटेशन किया है. जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी ने राज्यों का भी दौरा करने का फैसला किया है, जिस दौरान मुख्यमंत्रियों के साथ तीनों महत्वपूर्ण विधायकों पर चर्चा की जाएगी. आज एक सुझाव बैठक में दिया गया कि गैर-एनडीए शासित राज्यों के अधिकारीयों को भी बैठक में बुलाया जाये. सुबोध/२५-०२-२०२६