लंदन,(ईएमएस)।ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री और इन्फोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक अब एक नई और वैश्विक स्तर पर बेहद चुनौतीपूर्ण भूमिका में नजर आने वाले हैं। सुनक को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की इंटरनेशनल एडवाइजरी काउंसिल का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह उच्च-स्तरीय परिषद मुख्य रूप से युद्ध की मार झेल रहे यूक्रेन की जर्जर अर्थव्यवस्था को फिर से पैरों पर खड़ा करने और उसे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का रोडमैप तैयार करेगी। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, ऋषि सुनक इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए कोई वेतन नहीं लेंगे और पूरी तरह से एक अनपेड विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में राष्ट्रपति जेलेंस्की और उनकी आर्थिक टीम को रणनीतिक सुझाव देंगे। यूक्रेन के सामने इस समय सबसे विकट संकट उसके ऊर्जा क्षेत्र (एनर्जी सेक्टर) को लेकर है। लगातार हो रहे हमलों के कारण वहां के पावर ग्रिड और बिजली संयंत्र बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। सुनक की अध्यक्षता वाली इस परिषद का प्राथमिक लक्ष्य आगामी सर्दियों के मौसम से पहले यूक्रेन के बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना मजबूत करना है कि वहां के नागरिक कड़ाके की ठंड और ऊर्जा संकट का सामना कर सकें। ऋषि सुनक इस मिशन में अकेले नहीं हैं; उनके साथ विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और यूरोपीय बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट की अध्यक्ष ओडिल रेनॉड-बासो जैसे दुनिया के दिग्गज अर्थशास्त्री भी इस काउंसिल का हिस्सा हैं। इसके अलावा ब्लैकरॉक, सिटीग्रुप और सीमेंस जैसी वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधि भी इस समूह से जुड़े हैं, जो यूक्रेन में निवेश के नए अवसर तलाशने में मदद करेंगे। अपनी इस नई अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी पर विचार साझा करते हुए ऋषि सुनक ने कहा कि पश्चिमी देशों को एक सुरक्षित भविष्य के लिए एक मजबूत यूक्रेन की आवश्यकता है और किसी भी देश की मजबूती उसकी सुदृढ़ अर्थव्यवस्था पर टिकी होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यूक्रेन अपनी अपार मानवीय पूंजी, प्राकृतिक संसाधनों और नवाचार (इनोवेशन) की संस्कृति के दम पर भविष्य में यूरोप की सबसे गतिशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभर सकता है। सुनक का मानना है कि सही आर्थिक नीतियों और वैश्विक सहयोग से यूक्रेन को फिर से एक औद्योगिक शक्ति बनाया जा सकता है। गौरतलब है कि ऋषि सुनक वर्तमान में ब्रिटेन के रिचमंड और नॉर्थलेर्टन क्षेत्र से सांसद के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद से उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, गोल्डमैन सैक्स और एआई कंपनी एंथ्रोपिक जैसे बड़े वैश्विक संस्थानों के साथ सलाहकार के रूप में हाथ मिलाया है। हालांकि, वे अपनी इस अतिरिक्त कमाई का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक कार्यों और चैरिटी में दान कर देते हैं। अब यूक्रेन के लिए उनकी यह नई भूमिका न केवल उनके आर्थिक कौशल की परीक्षा लेगी, बल्कि युद्धग्रस्त क्षेत्र में स्थिरता लाने के वैश्विक प्रयासों को भी एक नई दिशा प्रदान करेगी। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सुनक और उनकी टीम मिलकर यूक्रेन की डूबती अर्थव्यवस्था को उबारने में कितने सफल हो पाते हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/01मार्च2026 ---------------------------------