राज्य
01-Mar-2026


- 7 आदिवासी जिलों पर सरकार और भाजपा का फोकस भोपाल(ईएमएस)। डॉ. मोहन यादव सरकार के तमाम मंत्री सोमवार को बड़वानी के नागलवाड़ी में रहेंगे। यहां पहली बार कृषि कैबिनेट बैठक की जाएगी। यहां प्रशासन तैयारियों में जुटा है। 24 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान सीएम ने इसी घोषणा की थी। यह कैबिनेट प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन बैठक है। निमाड़ के सात जिलों खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर पर फोकस रहेगा। इन जिलों की 28 सीटों में से 14 पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा का कब्जा है। बैठक के जरिए सरकार 2028 में होने वाले विधासनभा चुनावों के लिए आदिवासी वोटर्स को प्रभावित करना चाहती है। बैठक में इन जिलों के कृषि विकास के लिए बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा बैठक में किसानों के लिए सिंचाई, उन्नत बीज, बेहतर बाजार और उनकी आय दोगुनी करने जैसे विषयों पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। निमाड़ क्षेत्र की जलवायु मिर्च, हल्दी, धनिया और अन्य मसाला फसलों के लिए अनुकूल मानी जाती है। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक उद्यानिकी विभाग मसाला फसलों को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू कर सकता है। इसके अलावा, पशुपालकों को आधुनिक तरीके सीखने के लिए ब्राजील में प्रशिक्षण दिलाने का भी विचार है। साथ ही, किसानों के खातों को समग्र आईडी से जोडऩे पर भी बड़ा फैसला हो सकता है। कृषि से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने की योजना भी एजेंडे में है। भीलट देव मंदिर की तलहटी में अस्थायी मंत्रालय शिखरधाम स्थित भीलट देव मंदिर की तलहटी पर बने आठ एकड़ के गार्डन में अस्थाई मंत्रालय तैयार किया जा रहा है। यहां एयर कंडीशनर डोम शेड बनाए गए हैं। भगोरिया में भी शामिल होंगे मुख्यमंत्री भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव ने बताया कि नागलवाड़ी खरगोन और बड़वानी जिले की सीमा से लगा है। यहां 800 साल पुराना भीलट देव बाबा का मंदिर जनजातीय समाज में आस्था का केंद्र है। मंदिर की तलहटी में स्थित 8 एकड़ के गार्डन को अस्थायी रूप से ‘मंत्रालय’ का स्वरूप दिया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सुबह करीब 11:30 बजे बैठक की शुरुआत होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया के भगोरिया हाट में शामिल होंगे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओम सोनी ने बताया कि इससे पहले, जबलपुर (भेड़ाघाट) सिंग्रामपुर, महेश्वर, इंदौर और पचमढ़ी में बैठक हो चुकी है। लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी जिलों में ऐसी कैबिनेट बैठक आयोजित की जाए, ताकि राजधानी के बाहर भी प्रशासनिक फैसले जल्द लिए जा सकें। विनोद उपाध्याय / 01 मार्च, 2026