राज्य
01-Mar-2026


:: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अनूठी पहल : निमाड़ी ठाठ में सजा दरबार, जनजातीय संस्कृति और व्यंजनों का दिखेगा संगम :: बड़वानी/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आज सोमवार, 2 मार्च को बड़वानी जिले के जनजातीय बहुल ग्राम नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट आयोजित होने जा रही है। मालवा-निमाड़ के लोकदेवता भीलटदेव के पावन परिसर में होने वाली इस कैबिनेट में मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल शामिल होगा, जहाँ अन्नदाताओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। पहली बार आयोजित हो रही इस विशेष कैबिनेट की तैयारियां पूरी तरह निमाड़ी लोक संस्कृति के रंग में रची-बसी हैं। कैबिनेट स्थल को निमाड़ के पारंपरिक घरों की शैली में सजाया गया है। लगभग 800 वर्ष पुराने प्राचीन भिलट देव मंदिर के नीचे बने डोम में होने वाली यह बैठक न केवल बड़वानी बल्कि पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। :: मांदल की थाप पर थिरकेंगे कदम और भगोरिया के रंगों में घुलेगी सरकार :: कृषि कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रबुद्धजनों और किसानों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान खेती-किसानी की योजनाओं को साझा करने के साथ ही क्षेत्र के विकास के लिए जनता की अपेक्षाओं को भी समझा जाएगा। इसके उपरांत मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्य जुलवानिया में आयोजित भगोरिया उत्सव में भी शामिल होंगे, जिससे कार्यक्रमों में जनजातीय परंपराओं की स्पष्ट झलक मिलेगी। मांदल की थाप और लोक-गीतों के बीच सरकार और जनजातीय समाज का यह मिलन आकर्षण का केंद्र रहेगा। :: भोजन में दिखेगा निमाड़ी जायका और श्रीअन्न का स्वाद :: कैबिनेट के मेहमानों के लिए निमाड़ के पारंपरिक व्यंजनों का खास प्रबंध किया गया है। भोजन में अमाड़ी की भाजी, मक्के की रोटी, प्रसिद्ध दाल-पानिये, छाछ और निमाड़ी मिर्च के भजिए परोसे जाएंगे। स्वास्थ्य और परंपरा को जोड़ते हुए श्रीअन्न (मिलेट्स) के तहत कोदो का पुलाव और रागी की बालूशाही भी विशेष रूप से मेन्यू में शामिल की गई है। :: पैगोडा और डोम में होंगे इंतजाम :: नागलवाड़ी में कुल 5 डोम और 12 से अधिक पैगोडा बनाए गए हैं। इनमें कृषि एवं जनजातीय विभाग की प्रदर्शनियां, कैबिनेट मीटिंग रूम, भोजन शाला और मीडिया ब्रीफिंग के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। यह आयोजन प्रदेश की नीति निर्धारण प्रक्रिया को सीधे ग्रामीण और जनजातीय अंचलों तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है। प्रकाश/1 मार्च 2026