राज्य
01-Mar-2026


इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति के लिए वन विभाग का महत्वपूर्ण विजन डॉक्यूमेंट री-इमैजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की भी बड़ी धरोहर हैं। वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के दृष्टिगत वन संसाधनों के संरक्षण, समुदाय आधारित प्रबंधन और पर्यावरणीय लक्ष्यों के लिए यह दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाई गई है। यह विजन पारिस्थितिकी-आधारित और विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को अपनाते हुए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों जैसे बढ़ते तापमान और वनों की आग से निपटने में सहायक होगा। विजन@2047 का मुख्य आधार समुदायों की भागीदारी है, जिसमें वन-आश्रित समुदायों को संसाधनों के सह-प्रबंधक के रूप में देखा गया है। इसके साथ ही शासन प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारदर्शिता और कार्यकुशलता पर विशेष बल दिया गया है। यह दस्तावेज 5 अध्यायों और 11 प्रमुख स्तंभों में विभाजित है, जो वन्य जीव संरक्षण, इको-टूरिज्म और कार्बन उत्सर्जन जैसे विषयों को कवर करता है। राज्य सरकार इस विजन के माध्यम से 33% हरित आच्छादन के लक्ष्य और वर्ष 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रकाश/1 मार्च 2026