राज्य
01-Mar-2026
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:: साफा बांध और तीर-कमान थामे लोक संस्कृति के प्रवाह में बहे प्रशासनिक मुखिया; भील, भारिया और कोरकू नर्तकों ने बिखेरा इंद्रधनुषी उल्लास :: आलीराजपुर (ईएमएस)। आदिवासी संस्कृति के विश्व प्रसिद्ध महापर्व भगोरिया का उल्लास रविवार को आलीराजपुर के छकतला में अपने चरम पर नजर आया। लोक संस्कृति के इस महाकुंभ में उस समय अद्भुत दृश्य निर्मित हुआ, जब जिले की कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर और पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह भदौरिया स्वयं जनजातीय रंग में रंगे नजर आए। अधिकारियों ने न केवल पारंपरिक साफा और तीर-कमान धारण किया, बल्कि मांदल की थाप और थाली की खनक पर लोक नर्तकों के साथ कदमताल कर पूरे माहौल को जोश और आत्मीयता से भर दिया। मेले के केंद्र में संस्कृति विभाग द्वारा भेजे गए विभिन्न जनजातीय दल रहे, जिन्होंने अपनी कला से छकतला की धरती पर लोक संस्कृति का इंद्रधनुष उतार दिया। धार के भील नर्तकों के रोमांचक प्रदर्शन, छिंदवाड़ा के भारिया दल द्वारा प्रस्तुत अद्वितीय भडम नृत्य और हरदा के कोरकू नर्तकों की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने हजारों की संख्या में मौजूद जनसमूह का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ढोल-मांदल की गूंज और युवक-युवतियों की कुर्राटियों (उल्लासपूर्ण ध्वनियों) ने पूरे अंचल को गुंजायमान कर दिया। कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने इस अवसर पर न केवल कलाकारों का सम्मान किया, बल्कि हाथ में पारंपरिक रुमाल थामकर नृत्य दलों के साथ थिरकते हुए जनजातीय समाज के साथ गहरा आत्मीय जुड़ाव प्रदर्शित किया। उन्होंने भगोरिया को केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय अस्मिता और गौरव की पहचान बताया। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्री मनोज गरवाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल सहित पूरा प्रशासनिक अमला इस लोक उत्सव का साक्षी बना। मेले में सजी दुकानों, ऊंचे झूलों और पारंपरिक परिधानों में सजी ग्रामीण टोलियों ने छकतला को एक जीवंत सांस्कृतिक चित्रशाला में बदल दिया। प्रकाश/1 मार्च 2026