राष्ट्रीय
05-Mar-2026


नासिक(ईएमएस)। महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक सरकारी हॉस्टल में रैगिंग के नाम पर कम उम्र के बच्चों के साथ कुकर्म का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस मामले में कक्षा 10 में पढ़ने वाले कई छात्रों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और अप्राकृतिक कृत्य की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि ये सीनियर छात्र अपने से छोटी कक्षाओं, मुख्य रूप से 5वीं और 6वीं के बच्चों को अपना निशाना बनाते थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) बालासाहेब पाटिल ने स्वयं मौके का मुआयना किया और जांच की कमान संभाली। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि पीड़ित बच्चों के साथ पिछले 6 से 7 महीनों से इस तरह की घिनौनी हरकतें की जा रही थीं। बच्चों ने हिम्मत जुटाकर 22 फरवरी को इस मामले की जानकारी हॉस्टल अधीक्षक को दी थी। हालांकि, प्रबंधन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद हॉस्टल अधीक्षक ने पुलिस को सूचित करने के बजाय केवल छात्रों के माता-पिता को बुलाकर उन्हें घर ले जाने को कह दिया। मंगलवार को एक पीड़ित छात्र के अभिभावकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सीनियर छात्रों को हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्हें जल्द ही जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने और अपराध को छिपाने के आरोप में हॉस्टल अधीक्षक सहित तीन कर्मचारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस हॉस्टल की क्षमता 60 छात्रों की है, जिसमें वर्तमान में 48 छात्र रह रहे थे। इस घटना ने हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा और प्रबंधन की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/05मार्च2026