राष्ट्रीय
05-Mar-2026


पटन,(ईएमएस)। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पिछले साल नवंबर में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने वाले नीतीश कुमार अब अपनी पारी समेटने की तैयारी में नजर आ रहे हैं। पटना के सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि खराब स्वास्थ्य और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जा सकते हैं। बुधवार देर रात तक चले नाटकीय घटनाक्रम ने इन कयासों को और पुख्ता कर दिया है कि बिहार को जल्द ही नया नेतृत्व मिल सकता है। सूत्रों और गठबंधन के नेताओं के अनुसार, नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी पटना पहुंचने की संभावना है, जिससे इस चर्चा को और बल मिला है। माना जा रहा है कि इसी दौरान नीतीश कुमार के भविष्य को लेकर आधिकारिक घोषणा हो सकती है। हालांकि, अभी तक किसी भी दल ने इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि नामांकन पत्रों पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बुधवार रात जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं और नीतीश कुमार के परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर उन्हें पद न छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन अंतिम फैसला नीतीश कुमार के हाथ में ही है। इसी बीच जेडीयू मंत्री विजय कुमार चौधरी ने संकेत दिया कि पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि नीतीश के बेटे निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय हों और वे जल्द ही अपनी पारी शुरू कर सकते हैं। नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार की कमान किसके पास होगी। इस बार भाजपा कोटे से मुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। रेस में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ-साथ दिलीप जायसवाल और संजीव चौरसिया जैसे नाम भी शामिल हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को डार्क हॉर्स माना जा रहा है। वहीं, जेडीयू के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है, जिनमें विजय कुमार चौधरी और निशांत कुमार के नाम प्रमुख हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार का गिरता स्वास्थ्य इस बड़े फैसले के पीछे की मुख्य वजह है। पिछले कुछ समय से प्रशासन पर नौकरशाही के हावी होने के आरोप भी लग रहे थे। विपक्ष ने इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने इसे जेडीयू के लिए भारी रात बताते हुए कड़े शब्दों में इसकी आलोचना की है। यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो यह बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री के युग का अंत होगा और राज्य में एक नए राजनीतिक समीकरण की शुरुआत होगी। वीरेंद्र/ईएमएस/05मार्च2026 --------------------------------