05-Mar-2026
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-द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुश्मन के जहाज को डुबोने की यह पहली घटना है कोलंबो,(ईएमएस)। श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी हमले के बाद डूबे एक ईरानी नौसैन्य जहाज से करीब 80 ईरानी नाविकों के शव बरामद हुए हैं। श्रीलंका ने पहले बताया था कि उसकी नौसेना ने बुधवार तड़के करीब 180 नाविकों को लेकर जा रहे आईरिस देना नामक ईरानी जहाज से 32 ईरानी नाविकों को बचाया। श्रीलंकाई नौसेना ने हालांकि इसकी वजह नहीं बताई कि जहाज ने आपातकालीन संदेश क्यों भेजा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया है। उन्होंने कहा कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से टॉरपीडो से दुश्मन के जहाज को डुबोने की पहली घटना है। ईरानी जहाज हाल ही में भारत द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास में शामिल हुआ था। भारतीय नौसेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। हेगसेथ ने कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित समझा जा रहा था, लेकिन उसे टॉरपीडो से डुबो दिया गया, जिस स्थान पर यह हमला हुआ है, वह भारत के कन्याकुमारी से महज 400 किमी दूर है। श्रीलंकाई उप विदेश मंत्री अरुण चंद्रा ने कहा कि शव अब गॉल के करापिटिया अस्पताल में हैं। श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपत ने बताया था कि कई शव उस स्थान के पास पाए गए थे, जहां से आपातकालीन संदेश भेजा गया था, हालांकि सटीक संख्या तत्काल पता नहीं चल पाई है। उन्होंने कहा कि इस समय कोई संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन शव मिले हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारी टीम घटनास्थल पर पहुंचीं, तो हमने बड़ी मात्रा में तेल फैला हुआ देखा, जिससे यह संकेत मिला कि जहाज डूब चुका है। संपत ने पुष्टि की कि जहाज ईरानी था और बचाए गए चालक दल के सदस्य ईरानी नौसेना की वर्दी में थे। हेराथ ने कहा कि बचाए गए नाविकों को नौसेना के दक्षिणी कमान मुख्यालय में ले जाया गया और बाद में गाले के करापिटिया अस्पताल में भर्ती किया गया। अधिकारियों ने कहा कि दक्षिणी कमान के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए हेराथ ने कहा कि श्रीलंका इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है और शांतिपूर्ण समाधान की अपील करता है। सिराज/ईएमएस 04मार्च26 --------------------------------