14-Mar-2026
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त्योहारों की वजह से संसदीय कार्य सरकार शनिवार-रविवार को पूरा करना चाहती है नई दिल्ली,(ईएमएस)। साल 2026-27 का आम बजट इस बार रविवार को पेश हुआ था, क्योंकि 1, फरवरी को रविवार था। ऐसे ही लगता है कि बजट सत्र के आखिर में भी सांसदों को अपना वीकेंड संसद में ही गुजारना पड़ सकता है। इस साल बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ था और 2 अप्रैल तक चलेगा। जानकारी के मुताबिक इस साल बजट सत्र के दूसरे हिस्से में कई पर्व-त्योहारों की वजह से जो संसदीय कार्य नहीं हो पाएंगे, सरकार उसे शनिवार-रविवार को संसद बुलाकर पूरा करना चाहती है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से इस तरह का प्रस्ताव दिया गया है, क्योंकि आने वाले दिनों में गुड़ी पड़वा, उगादी, ईद और राम नवमी जैसे त्योहार हैं। इनकी वजह से छुट्टियां रहेंगी। लिहाजा बाद के हफ्ते में शनिवार और रविवार को सत्र बुलाकर इस समय की कमी की पूर्ति की जा सकती है। बजट सत्र का दूसरा हिस्सा 9 मार्च को शुरू हुआ और यह 2 अप्रैल तक चलेगा। केंद्र के प्रस्ताव की जानकारी रखने वाले ने बताया है इसी वजह से यह प्रस्ताव रखा गया है कि 28 और 29 मार्च को कार्यकारी दिवस रखा जाए, ताकि समय की भरपाई हो सके और बजट सत्र का अधिकतम लाभ उठाया जा सके। संबंधित व्यक्ति ने यह भी कहा कि लोकसभा में तो कई घंटे बार-बार की बाधाओं और प्रदर्शनों में बर्बाद हो गए...फिर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया...इस सब में समय चला गया, जो संसदीय कार्यों के लिए तय था। सामान्य तौर पर संसद की कार्यवाही सोमवार से लेकर शुक्रवार तक सप्ताह के पांच दिन ही होती है। 2026-27 का आम बजट रविवार को पेश किया गया और इसके लिए उस दिन विशेष सत्र आयोजित किया गया। 1 फरवरी, 2020 को भी शनिवार था और उस दिन भी बजट पेश हुआ था। 29 फरवरी, 1992 को भी शनिवार के दिन बजट पेश हुआ था, तब आम बजट फरवरी के अंतिम दिन पेश किए जाने की परंपरा थी, जो कि अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही थी। सिराज/ईएमएस 14मार्च26 --------------------------------