15-Mar-2026
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इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तानी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य के पास फंसे अपने मालवाहक जहाजों को एस्कॉर्ट करने से पीछे हटी है। यह बात खुद पाकिस्तान ने स्वीकार की है कि वह इसके लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को न पार करेगी और ना ही फारस की खाड़ी में कोई अभियान चलाएगी। इसके इतर, पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज अरब सागर में ही रुके रहने वाले है। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के बारूदी सुरंगों से डर गई है। अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान ने इस इलाके को समुद्री बारूदी सुरंगों से पाट दिया है, जिससे न सिर्फ युद्धपोतों बल्कि मालवाहक जहाजों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। पाकिस्तानी मीडिया ने वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि पाकिस्तानी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य पर नहीं, बल्कि अपने समुद्री मार्गों पर मर्चेंट शिप को एस्कॉर्ट कर रही हैं। इस ऑपरेशन की सीधी जानकारी रखने वाले एक सुरक्षा ऑफिसर ने बताया कि यह अहम रास्ता बंद होने से दुनिया भर में एनर्जी संकट के बीच हुआ है। उसने कहा कि यह ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर सिर्फ पाकिस्तान की अपनी समुद्री कम्युनिकेशन लाइनों पर फोकस है, खासकर कराची को खाड़ी क्षेत्र और लाल सागर से जोड़ने वाले रूट पर। इन ऑपरेशन को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को एस्कॉर्ट करने के तौर पर गलत नहीं समझना चाहिए। पाकिस्तानी मिलिट्री के मीडिया विंग ने बताया कि नौसेना ने ‘ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर’ शुरू किया है। इसमें पाकिस्तानी नौसेना के जहाज मर्चेंट शिप को एस्कॉर्ट कर रहे हैं ताकि देश की एनर्जी सप्लाई बिना रुके चलती रहे और कम्युनिकेशन की समुद्री लाइनों की सिक्योरिटी बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य इतना जरूरी क्यों है? होर्मुज जलडमरूमध्य अरब की खाड़ी का पतला मुहाना है, जिससे दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। ईरान के खिलाफ यूएस-इजरायल युद्ध ने अहम रास्ते पर टैंकर ट्रैफिक रोक दिया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाजों पर हमला किया है और वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को धमकी दी है। आशीष/ईएमएस 15 मार्च 2026