अंतर्राष्ट्रीय
15-Mar-2026
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तेलअवीव,(ईएमएस)। ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की अफवाहें जंगल की आग की तरह फैल रही थीं। इन चर्चाओं ने तब और जोर पकड़ लिया जब नेतन्याहू के एक हालिया वीडियो को एआई डीपफेक बताया जाने लगा। हालांकि, अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि नेतन्याहू पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। अफवाहों का यह सिलसिला तब शुरू हुआ जब 13 मार्च को नेतन्याहू के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया। इस वीडियो में वे एक मंच से भाषण देते नजर आ रहे थे। इंटरनेट यूजर्स ने वीडियो के एक विशिष्ट फ्रेम को जूम करके यह दावा करना शुरू कर दिया कि उनके दाहिने हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। सोशल मीडिया पर इसे क्लासिक एआई ग्लिच करार दिया गया और तर्क दिया गया कि चूंकि प्रधानमंत्री कुछ समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं, इसलिए सरकार उनकी मौत की खबर छिपाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा ले रही है। इन दावों की गंभीरता को देखते हुए इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुर्की मीडिया के माध्यम से स्पष्टीकरण जारी किया। कार्यालय ने कहा, यह पूरी तरह से फेक न्यूज है। प्रधानमंत्री सुरक्षित हैं और अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। इस बयान का मुख्य उद्देश्य उन भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाना था, जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों में नेतन्याहू को निशाना बनाया गया है। तकनीकी विशेषज्ञों और फैक्ट-चेकर्स ने भी छह उंगलियों वाले वीडियो का विश्लेषण किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिसे लोग छठी उंगली समझ रहे हैं, वह दरअसल कैमरे के एंगल, हाथों की तेज गति और लाइटिंग के कारण पैदा हुआ एक ऑप्टिकल इल्यूजन यानी दृष्टि भ्रम है। कई स्वतंत्र फैक्ट-चेकिंग संस्थाओं ने पुष्टि की है कि वीडियो में हाथ की बनावट सामान्य है और वह हिस्सा हथेली का ही एक अंग है जो खास एंगल की वजह से उंगली जैसा दिख रहा है। गौरतलब है कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को एक हवाई हमले में हुई मौत के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध का माहौल चरम पर है। इसी तनावपूर्ण स्थिति का फायदा उठाकर शरारती तत्वों द्वारा भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही थीं। नेतन्याहू को आखिरी बार 12 और 13 मार्च को वीडियो संबोधनों में देखा गया था, जहां उन्होंने ईरान और हिजबुल्लाह को कड़ी चेतावनी दी थी। स्पष्ट है कि छह उंगलियों वाला विवाद महज एक तकनीकी भ्रम था और प्रधानमंत्री नेतन्याहू अपने पद पर पूरी तरह सक्रिय हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/15मार्च2026