17-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर दिल्ली में दृष्टिबाधित और बुजुर्ग पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रैफिक सिग्नलों पर आवाज आधारित संकेत लगाने का सुझाव दिया है। एम्स के शोध के अनुसार दिल्ली में लाखों लोग दृष्टि समस्याओं से जूझ रहे हैं। दिल्ली में दृष्टिबाधित और बुजुर्ग पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ट्रैफिक सिग्नलों पर ऑडिबल (आवाज आधारित) संकेत लगाने की पहल की गई है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस संबंध में उपराज्यपाल को पत्र लिखकर प्रमुख चौराहों पर ऐसी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग दृष्टि संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में ट्रैफिक सिग्नलों पर ध्वनि आधारित संकेत लगाने से उन्हें सड़क पार करने में काफी मदद मिल सकती है और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। जापान, हांगकांग, सिंगापुर, ब्रिटेन, फ्रांस, स्वीडन, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील जैसे देशों में यह व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू है, जिससे पैदल यात्रियों की सुरक्षा और पहुंच दोनों में सुधार हुआ है। कुछ देशों में पैदल पार पथों पर संगीत या पक्षियों की आवाज जैसी ध्वनियों का भी इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के तौर पर जापान में ट्रैफिक सिग्नलों पर छोटी धुन या पक्षियों जैसी आवाज बजती है, जिससे पैदल यात्रियों को आसानी से संकेत पहचानने में मदद मिलती है और शहर अधिक समावेशी बनते हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/17/मार्च /2026