ज़रा हटके
20-Mar-2026
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बीजिंग (ईएमएस)। हाल ही में चीन से सामने आई एक अनोखी घटना ने रोबोट के इस्तेमाल और उनकी सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यहां एक ह्यूमनॉइड रोबोट को कथित तौर पर “डर फैलाने” के आरोप में पुलिस ने रोक लिया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। यह घटना चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र मकाउ के पटाने इलाके में स्थित लोक येंग फा यून नामक आवासीय परिसर के पास हुई। जानकारी के अनुसार शाम के समय करीब 70 वर्ष की एक बुजुर्ग महिला वहां टहल रही थीं। उसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन में व्यस्त थीं। इसी बीच उनके पीछे एक ह्यूमनॉइड रोबोट आकर खड़ा हो गया। जैसे ही महिला ने पीछे मुड़कर देखा, वह अचानक घबरा गईं और जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। बताया जा रहा है कि महिला ने इससे पहले कभी इतने करीब से ऐसा रोबोट नहीं देखा था, इसलिए वह डर गईं। घबराहट में उन्होंने रोबोट से नाराजगी जताते हुए कहा कि वह उनका दिल तेजी से धड़काने लगा है और ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि इस घटना में महिला को किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं आई, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दो अधिकारियों ने रोबोट को वहां से हटाया। उन्होंने रोबोट के मालिक, जो लगभग 50 वर्ष के व्यक्ति बताए जा रहे हैं, को सार्वजनिक स्थानों पर रोबोट के उपयोग में सावधानी बरतने की चेतावनी दी। बाद में रोबोट को उसके मालिक को वापस सौंप दिया गया। :रिपोर्ट के मुताबिक यह रोबोट एक शैक्षणिक संस्थान द्वारा परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह यूनिट्री जी1 नाम का ह्यूमनॉइड रोबोट है, जिसे यूनिट्री रोबोटिक्स ने विकसित किया है। करीब चार फीट लंबा यह रोबोट मई 2024 में पेश किया गया था। इसकी खासियत यह है कि इसकी गतिविधियां काफी लचीली हैं और इसमें एडवांस ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस सिस्टम तथा डेप्थ कैमरा जैसी तकनीक मौजूद है, जो आसपास की वस्तुओं को पहचानने और टकराव से बचने में मदद करती है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “रोबोट को गिरफ्तार कर लिया गया”, जबकि कई लोगों ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर रोबोट के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट और सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। वहीं संबंधित संस्थान ने भी इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी को डराना नहीं था और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। बता दें कि तकनीक के तेजी से बदलते दौर में रोबोट अब केवल मशीन नहीं रहे, बल्कि इंसानी जीवन का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। होटल, अस्पताल, शॉपिंग मॉल और कई अन्य जगहों पर रोबोट इंसानों की मदद करते दिखाई दे रहे हैं। सुदामा/ईएमएस 20 मार्च 2026