20-Mar-2026
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टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने दायर की याचिका कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल चुनाव से पूर्व तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग में तनाव जारी है। टीएमसी ने शुक्रवार को बंगाल में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी द्वारा दायर याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में चुनाव आयोग के उस फैसले पर सवाल उठाया है, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार से सलाह किए बिना अधिकारियों का तबादला किया। इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते की शुरुआत में हो सकती है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को विधानसभा चुनावों की घोषणा करने के कुछ ही घंटों के भीतर, मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित बड़ी संख्या में सीनियर अधिकारियों का तबादला किया गया था। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फैसले की आलोचना कर ‘अघोषित आपातकाल’ बताया। उन्होंने संस्थागत हेरफेर के द्वारा बंगाल पर कब्जा करने की सोची-समझी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि हम जो देख रहे हैं, वहां अघोषित आपातकाल से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों से नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। ममता ने बाद में चुनाव आयुक्त कुमार को पत्र लिखकर चुनाव आयोग के इसतरह के ‘मनमाने, एकतरफा और पक्षपातपूर्ण’ कदमों से परहेज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने शालीनता और संवैधानिक मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने कहा कि तथाकथित विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत के बाद से चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है और जमीनी हकीकतों या लोगों की भलाई की जरा भी परवाह नहीं की है। आयोग ने सीनियर पुलिस अधिकारियों के कुछ इंटर-स्टेट ट्रांसफर के आदेशों पर रोक लगा दी। बिधाननगर के सीपी मुरलीधर शर्मा और सिलीगुड़ी के सीपी सैयद वकार रजा, जिन्हें पहले तमिलनाडु जाने के लिए कहा गया था, उन्हें अब इंतजार करने को बोल गया है। आशीष दुबे / 20 मार्च 2026