राष्ट्रीय
20-Mar-2026


इसी श्मशान के कोयले से ही अगरबत्ती बनाई जाती पटना,(ईएमएस)। इंसान की हडि्डयां मरने के बाद चिंता पर जल जाती है। लेकिन क्या आपकों पता हैं कि श्मशान में सब कुछ बिक जाता है। बड़ा कोयला होटलों में और छोटा अगरबत्ती की फैक्ट्रियों में भेज दिया जाता है। बिस्किट की फैक्ट्रियों में भी इस कोयला से सब तैयार होता है। एक, दो नहीं बिहार में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां भी इसी कोयले से माल तैयार कर रही हैं। इसी कोयले से बनी अगरबत्ती कई राज्यों में जा रही है। गुलाब, केवड़ा, चंदन से लेकर जो भी फ्लेवर हो, लेकिन अंदर, तब हमारा दिया बुरादा होता है। श्मशानों का कोयला होटल और फैक्ट्रियों में सप्लाई करने वाले एजेंट्स का खुलासा हैरान करने वाला है। एजेंट्स सेहत के साथ आस्था से भी खेल रहे हैं। देश में अगरबत्ती का 10 से 12 हजार करोड़ का कारोबार है। इसमें इकलौते बिहार में 800 से 1500 करोड़ का कोराबार है। रिपोर्ट के अनुसार गैस संकट के बीच बिहार के होटलों और रेस्टोरेंट के साथ स्ट्रीट फूड के वेंडरों तक श्मशान के कोयले की सप्लाई हो रही है। नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए हमारी टीम ने होटल संचालक और फैक्ट्री मालिक बनकर डील की। हम पटना, गया, नालंदा, वैशाली, सारण, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण सहित 12 जिलों में गए। बड़े पैमाने पर होटलों में श्मशान के कोयले की सप्लाई चेन के साथ अगरबत्ती फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ। श्मशान से कोयला सप्लाई करने वाला पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है। कोयला सप्लाई के लिए एजेंट्स ने अलग-अलग गाड़ियां भी लगा रखी हैं। रिपोर्ट के अनुसार पटना के बांस घाट में मौजूद एक एजेंट से हुई बातचीत में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। होटलों में श्मशान के कोयले की सप्लाई की डील के दौरान ही इस एजेंट ने अगरबत्ती की फैक्ट्रियों में कोयला सप्लाई करने का खुलासा भी किया। एजेंट ने बताया कि कोयले से अगरबत्ती बनाई जाती है। यहां से कोयला दूर-दूर तक जाता है। आशीष दुबे / 20 मार्च 2026