देहरादून (ईएमएस)। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनीयर्स महासंघ की लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित 27 सूत्रीय समस्याओं को लेकर द्वितीय चरण का संघर्ष कार्यक्रम यमुना कालोनी स्थित लोक निर्माण विभाग विभागाध्यक्ष परिसर में डिप्लोमा इंजीनियर्स ने हुंकार भरते हुए जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर धरना दिया। यहां इस अवसर पर धरना कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं द्वारा जोरदार नारों के साथ अपनी 27 सूत्रीय न्यायोचित मांगों के प्रति असंवेदनशील अधिकारियों पर जम कर अपनी भड़ास निकाली गई तथा उत्तराखंड शासन के अधिकारियों के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया गया। महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर रमेश चंद्र शर्मा एवं महासचिव बीरेंद्र सिंह गुसाई द्वारा अवगत कराया गया कि फरवरी माह में प्रथम चरण के आंदोलन में प्रदेश भर के डिप्लोमा इंजीनियर्स एकजुट होकर अपने न्यायोचित अधिकारों के प्रति जागरुक हुए हैं तथा शासन की हठधर्मिता के कारण किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल होने पर हरिद्वार जनपद में चल रहे अर्धकुंभ के कार्यों को ठप कर दिया जाएगा इसकी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस अवसर पर मांगों में कनिष्ठ अभियंता की लंबे समय से अनिस्तारित वेतन विसंगति दूर किए जाने डिप्लोमा इंजीनियर्स को क्रमश 10, 16 और 20 वर्ष की सेवा उपरांत पदोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को प्रथम एसीपी के रूप में 5400 ग्रेड पे का लाभ दिया जाए। पेयजल निगम और जल संस्थान का एकीकरण राजकीयकरण किया जाए। डिप्लोमा इंजीनियर्स को सहायक अभियंता से उत्तर पदों पर पदोन्नति हेतु समानांतर गैलरी का सृजन किया जाए। इस दौरान बाहरी कार्यदाई संस्थाओं को प्रदेश में निर्माण कार्य आवंटित करने पर अंकुश लगाया जाए। प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र गुसांई ने कहा कि 2006 के उपरांत नियुक्त डिप्लोमा इंजीनियर्स को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाय। तीनों ऊर्जा निगमों में राजकीय विभागों की भांति प्रोन्नति की जाए। धरना कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष आर सी शर्मा, उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र गुमाई, मुकेश रतूड़ी, चेयरमैन संघर्ष समिति दिवाकर, अनिल पंवार, छबील दास मैनी, चितरंजन जोशी आदि अनेक इंजीनियर्स उपस्थित रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/24 मार्च 2026