25-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज जैन ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि जजों की सुरक्षा के लिए कुछ न कुछ ठोस व्यवस्था करना जरूरी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में कार्यरत जजो की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि वे एक हफ्ते के भीतर बैठक कर न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर ठोस निर्णय लें और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करें। दिल्ली हाई कोर्ट में ज्यूडीशियल सर्विसेज एसोसिएशन ने याचिका दायर किया है। दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में मांग की गई है कि जिला न्यायपालिका में कार्यरत जजों को व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी मुहैया कराए जाएं और उनके घरों पर भी उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठाई गई चिंता बेहद गंभीर है और इसे किसी भी तरह कम करके नहीं आंका जा सकता। जस्टिस मनोज जैन ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि जजों की सुरक्षा के लिए कुछ न कुछ ठोस व्यवस्था करना जरूरी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस विषय पर बैठक करें और अगली सुनवाई से पहले अदालत को विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। याचिका में कहा गया कि जज अपने न्यायिक कर्तव्यों के दौरान कई बार धमकियों, दुर्व्यवहार और अन्य जोखिमों का सामना करते हैं। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि अगर न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो इससे न्याय व्यवस्था की गरिमा और विश्वास पर असर पड़ सकता है। एसोसिएशन ने अदालत को यह भी बताया कि दिल्ली के अधिकांश जज खुद अपनी गाड़ी चलाकर अदालत आते-जाते हैं। इस दौरान कई बार उन्हें रास्ते में रोकने, पीछा करने और रोड रेज जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/25/मार्च/2026