-सपा सांसद ने कहा- किस देश से कैसे संबंध रहेंगे यह हमारे पीएम ही फैसला लेते हैं नई दिल्ली,(ईएमएस)। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि पश्चिमी एशिया में संघर्ष के दौरान पीएम मोदी को मध्यस्थता करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। ईरान-इजराइल युद्ध में पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता के सवालों पर रामगोपाल यादव ने कहा कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किए तीन देश मध्यस्थता कर रहे हैं। यह मध्यस्थता पीएम मोदी और भारत को भी करनी चाहिए थी। उन्होंने आगे कहा कि बहुत सारे देशों ने पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा राष्ट्रीय सम्मान भी दिया है। पीएम मोदी की डोनाल्ड ट्रंप के साथ क्या बातचीत हुई। संसद और देश को उन्हें इस बारे में बताना चाहिए। यादव ने भारत की विदेश नीति पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विदेश नीति जो है, वो मूल रूप से पीएम मोदी के नेतृत्व में होता है कि हमारे किस देश से कैसे संबंध रहेंगे ये पीएम ही फैसला लेते हैं। जवाहरलाल नेहरू से लेकर हमेशा यही हुआ है। हमारी गुटनिरपेक्ष नीति थी, उसके निर्माता जवाहरलाल नेहरू थे। अब वह उससे हट रहे हैं तो उससे हटने वाले पीएम मोदी हैं। केंद्र सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक पर बुलाने पर रामगोपाल यादव ने कहा कि बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। इस बारे में मंगलवार को सूचना मिली थी। समाजवादी पार्टी की ओर से जावेद अली खान और धर्मेंद्र यादव जाएंगे। पार्टियों की तरफ से दो-दो नेता जाएंगे। इसी दौरान सपा सांसद ने संसद में पेश होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में आपत्ति ही आपत्ति हैं। सरकार से कौन लड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को वह नहीं मानती है। असिस्टेंट कमांडेंट 30 साल में भी डिप्टी कमांडेंट नहीं बन पाता है। उसी परीक्षा से पास हुए आईपीएस डीजी बन जाते हैं। सेना में मेजर जनरल और लेफ्टिनेंट जनरल बन जाते हैं। पता होना चाहिए कि निराशा में कितने लोगों ने डीआरएस लिया। उन्होंने कहा कि मैंने शून्यकाल में इसके विरोध में आवाज उठाई थी। सपा सांसद ने कहा कि राजनेताओं की रक्षा यही जवान करते हैं। सीमा से लेकर देश के अंदर शहीद होने वाले सबसे ज्यादा यही जवान होते हैं। सिराज/ईएमएस 25मार्च26