राष्ट्रीय
25-Mar-2026


मरने के बाद 6 लोगों को नई जिंदगी दे गया हरीश नई दिल्ली (ईएमएस)। इच्छामृत्यु पाने वाले गाजियाबाद के हरीश राणा का अंतिम संस्कार हो चुका है। दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में बुधवार सुबह 9.40 बजे छोटे भाई आशीष ने हरिश को मुखाग्नि दी। इसके पहले, हरीश का पार्थिव शरीर श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा (62) ने बेटे हरीश को आखिरी बार प्रणाम किया। पिता ने लोगों से हाथ जोड़कर कहा कि कोई रोना मत, लेकिन वे खुद रोते हुए दिखाई दिए। बेटा शांति से जाए, इसलिए प्रार्थना कर रहा हूं। बेटा अब जहां जन्म ले, वहां भगवान का आशीर्वाद मिले। 31 साल के हरीश ने 24 मार्च को दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे 13 साल से कोमा में थे। डॉक्टर्स के मुताबिक परिवार ने हरीश के फेफड़े, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किया है। इससे 6 लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है। हरीश को एम्स में पैसिव यूथेनेशिया दिया गया। इसका मतलब होता है कि किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जिंदा रखने के लिए जो बाहरी लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उस रोक दिया जाए या हटा लिया जाए, ताकि मरीज की प्राकृतिक रूप से मौत हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को 11 मार्च को इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। यह देश का पहला मामला है, जिसमें किसी को इच्छामृत्यु दी गई थी। हरीश को 14 मार्च को गाजियाबाद वाले घर से दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया गया। 16 मार्च को हरीश की फीडिंग ट्यूब (खाने की नली) हटा दी थी। आशीष दुबे / 25 मार्च 2026