खेल
29-Mar-2026
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मुम्बई (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है आईपीएल से हटने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ केवल दो साल का प्रतिबंध ही काफी नहीं है। हससे भी अधिक सख्त कदम उठाने चाहिये जिससे कि कोई भी भविष्य में इस प्रकार से धोखा न करे। गावस्कर ने कहा कि जिस प्रकार से कई खिलाड़ी बहानेबाजी करते हैं उसे रोकने के लिए आईपीएल आयोजकों का कठोर नियम बनाने चाहिये। आईपीएल शुरु होने के ठीक पहले कुछ विदेशी खिलाड़ियों के अचानक वापस नाम लेने से टीमों की रणनीति बिखर गयी है। नाम वापस लेने वालों में इंग्लैंड के बेन डकेट और हैरी ब्रूक भी शामिल है। बीसीसीआई के नियमों के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद टूर्नामेंट से नाम वापस लेता है तो उस पर 2 साल का प्रतिबंध लगता है पर गावस्कर का मानना है कि इससे अधिक अधिक कठोर कदमों की जरुरत है। गावस्कर ने कहा, “यह एक कठिन मामला है। डकेट की एशेज सीरीज बहुत अच्छी रही थी, और अगर उन्हें ‘द हंड्रेड’ की नीलामी में उतनी बड़ी रकम में नहीं खरीदा गया होता, तो वह आईपीएल खेल रहे होते। ‘द हंड्रेड’ में अच्छी कीमत पर खरीदे जाने के बाद, वह आईपीएल को छोड़ने और यह कहने में काफी खुश थे कि वह अपने टेस्ट करियर पर ध्यान देना चाहते हैं।” उन्होंने साथ ही कहा, “लेकिन हां, इस बारे में बीसीसी को भी सोचना चाहिए कि क्या किया जाना चाहिए, क्योंकि दो साल का प्रतिबंध साफ तौर पर काम नहीं कर रहा है। आपको कुछ ऐसा करना होगा जिसका असर हो। जब तक इसका खिलाड़ी पर और उसके आईपीएल में वापसी के अवसरों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, तब तक यह नियम काम नहीं करेगा।” डकेट के लीग से हटने के फैसले ने खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता और लीग के नियमों पर सवाल उठने लगे हैं। गिरजा/ईएमएस 29 मार्च 2026