08-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली से 409 सिख श्रद्धालु बैसाखी के अवसर पर पाकिस्तान जाएंगे। डीएसजीएमसी के साथ ये श्रद्धालु 10 मार्च को वाघा बॉर्डर से प्रवेश करेंगे। पिछले साल एक महिला के लापता होने की घटना के बाद इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। श्रद्धालुओं को 10 से 19 मार्च तक का वीज़ा मिला है, वे पंजा साहिब गुरुद्वारे में बैसाखी मनाएंगे। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण तनावपूर्ण स्थिति के बीच बैसाखी पर दिल्ली से 409 श्रद्धालुओं का जत्था बैसाखी के अवसर पर पाकिस्तान जाएगा। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के पदाधिकारियों के साथ श्रद्धालु 10 मार्च को वाघा बाॅर्डर के रास्ते पाकिस्तान जाएंगे। श्रद्धालुओं को 10 से 19 मार्च तक वीजा मिला है। पिछले वर्ष नवंबर में गुरुनानक जयंती के अवसर पर जत्थे के साथ पाकिस्तान गई एक महिला वहां लापता हो गई थी। बाद में उसके वहां इस्लाम अपनाकर एक मुस्लिम युवक से निकाह करने का मामला सामने आया था। इसे ध्यान में रखकर इस बार विशेष सतर्कता बरती जाएगी। डीएसजीएमसी के सदस्य परमजीत सिंह चंडोक ने बताया कि डीएसजीएमसी ने 451 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए पाकिस्तान उच्चा आयोग को भेजे थे मगर उनमें से 409 श्रद्धालुओं को वीजा दिए गए। जिनको वीजा नहीं मिला उनमें या तो वह श्रद्वालु थे जिनके नाम के साथ सिंह या कौर नहीं था या फिर सहजधारी परिवार से थे। उन्होंने बताया कि पूरे देश से कुल मिलाकर 2840 श्रद्धालुओं को वीजा दिए गए हैं। चंडोक ने बताया कि 10 से 19 मार्च तक का वीजा दिया गया है। सभी श्रद्धालु 10 अप्रैल की सुबह वाघा बाॅर्डर पार कर के पाकिस्तान प्रवेश करेंगे। पंजा साहिब गुरुद्वारा साहिब में बैसाखी का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाएंगे। उन्होंने कहा पिछली बार नवंबर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जत्थे में गई एक महिला के पाकिस्तान में जत्थे से अलग होने की घटना हुई थी। इसे ध्यान में रखकर इस बार पूरी चौकसी बरती जाएगी जिससे कि कई अप्रिय घटना नहीं घटे। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/08/ अप्रैल /2026