:: दूषित जल की शिकायत लंबित रहने पर भड़के अधिकारी; अवैध मोटर पंपों के विरुद्ध चलेगा अभियान :: इंदौर (ईएमएस)। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने शुक्रवार को सिटी बस सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में लापरवाह अधिकारियों और कार्य में ढिलाई बरतने वाली ठेकेदार कंपनियों के विरुद्ध कड़ा रुख अख्तियार किया। जलप्रदाय, सीवरेज और सीएम हेल्पलाइन जैसे जनहित के मुद्दों पर केंद्रित इस बैठक में आयुक्त उस समय बिफर पड़े, जब दूषित पानी की एक शिकायत पिछले 50 दिनों से लंबित पाई गई। व्यवस्था की विफलता देख उन्होंने तत्काल सभाकक्ष से ही शिकायतकर्ता को फोन लगवाकर वस्तुस्थिति जानी। शिकायत का निराकरण न होने पर आयुक्त ने सख्त अनुशासन की नजीर पेश करते हुए ज़ोन-10 (वार्ड-39) के प्रभारी उपयंत्री परमेन्द्र चंद्रावत का 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्य में लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसी एल एंड टी कंपनी पर एक लाख रुपये की भारी पेनल्टी ठोंक दी। आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के निराकरण में हीलाहवाली किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। :: फील्ड में सक्रिय रहें अधिकारी :: आयुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को दफ्तरों के बजाय फील्ड में सक्रिय रहने और शिकायतों का समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने की हिदायत दी। ग्रीष्मकाल की चुनौतियों और संभावित जल संकट को देखते हुए उन्होंने शहर में अवैध रूप से मोटर लगाकर पानी खींचने वालों के विरुद्ध सघन छापामार अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, पाइपलाइन लीकेज और सड़कों के पैचवर्क कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने को कहा। :: स्कूलों की व्यवस्थाओं पर जोर :: बैठक में स्वच्छ सर्वेक्षण और शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि शहर के सभी स्कूलों में स्वच्छता के मानकों का पालन करने के साथ-साथ डस्टबिन, शुद्ध पेयजल और दिव्यांग विद्यार्थियों के अनुकूल सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं। बैठक में निगम के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी स्टाफ मौजूद रहा। प्रकाश/10 अप्रैल 2026