मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के पश्चिमी उपनगर अँधेरी के ओशिवारा इलाके में एक फ्लैट को लेकर बिल्डर और खरीदार के बीच विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। इस मामले में ओशिवारा पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। दरअसल फैशन डिजाइनर रियाज़ गणजी की शिकायत पर पुलिस ने बिल्डर समीर भुबे के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। वहीं, बिल्डर की शिकायत पर गणजी और उनकी भांजी फ़ाज़िला मुखी के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार अप्रैल 2016 में 72 लाख रूपये की कुल कीमत वाले फ्लैट के लिए 45 लाख रूपये का भुगतान किया गया। यह फ्लैट ‘रॉयल ग्रीन प्रोजेक्ट’ में खरीदा गया था। फ्लैट अकिल और फाजिला मुखी (दुबई निवासी) के नाम पर लिया गया था। खरीदार पक्ष का आरोप है कि लंबे समय के बाद भी फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया। वहीं बिल्डर समीर भुबे ने पुलिस को बताया कि प्रोजेक्ट में प्रशासनिक और नियामकीय मंजूरियों के कारण देरी हुई। देरी के मुआवजे के तौर पर जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच 4.2 लाख रुपया किराया दिया गया। 5 जनवरी 2026 तक फ्लैट का कब्जा देने का आश्वासन था लेकिन खरीदारों ने अभी तक बकाया रकम का भुगतान नहीं किया। भुबे ने आरोप लगाया कि:7 जनवरी 2026 को मुखी परिवार ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। साथ ही 1.5 करोड़ रूपये की मांग की गई। इतना ही नहीं दुबई में प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का हवाला देकर उनके परिवार और बिजनेस पार्टनर्स को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। वहीं खरीददार रियाज गणजी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “यह एफआईआर हमारी शिकायत को दबाने के लिए दर्ज कराई गई है। हम इस एफआईआर को रद्द कराने के लिए कोर्ट जाएंगे।” पुलिस के अनुसार, भुबे की अग्रिम जमानत याचिका सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है। फिलहाल भुबे फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। बहरहाल यह मामला अब पूरी तरह कानूनी रूप ले चुका है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब आगे की कार्रवाई और अदालत के फैसले से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस पक्ष के दावे सही हैं। संजय/संतोष झा-११ अप्रैल/२०२६/ईएमएस