15-Apr-2026
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वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन ने ईरान के लिए अपनी “रेड लाइन” तय कर दी है और उससे किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास ऐसा यूरेनियम संवर्धन क्षमता न रहे, जिसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सके। वैंस ने बताया कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को सौंप दे, क्योंकि वाशिंगटन को आशंका है कि इस यूरेनियम को भूमिगत सुविधाओं में छिपाया जा रहा है। हालांकि ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु हथियार विकसित करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अमेरिका इस बात पर जोर दे रहा है कि किसी भी समझौते में सख्त निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति के तहत अमेरिका का रुख बेहद स्पष्ट है—ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही वैंस ने यह भी संकेत दिया कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका है। यह वार्ता कथित तौर पर वाशिंगटन और मध्य पूर्व से जुड़े अन्य कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से चल रही है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कई दौर की लंबी चर्चा हुई। वैंस ने बताया कि हालिया बैठकें लगभग 21 घंटे तक चलीं, जिन्हें उन्होंने सकारात्मक, बताया लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि कई अहम मतभेद अभी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि “अच्छी खबर यह है कि बातचीत जारी है और कुछ प्रगति हुई है, लेकिन बुरी खबर यह है कि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।” वैंस के अनुसार, अमेरिका ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं और अब गेंद ईरान के पाले में है। कुल मिलाकर स्थिति यह है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन को लेकर गहरे मतभेद अब भी बने हुए हैं, जिससे किसी ठोस समझौते की राह अभी कठिन दिखाई दे रही है। आशीष/ईएमएस 15 अप्रैल 2026