राष्ट्रीय
15-Apr-2026
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नई दिल्ली(ईएमएस)। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों मौसम के कई रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, एक ओर जहां पूर्वोत्तर के राज्यों में चक्रवाती हवाओं और ट्रफ रेखाओं के कारण बारिश का माहौल बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर मध्य और दक्षिण भारत के राज्यों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई है। वर्तमान मौसम परिस्थितियों की बात करें तो उत्तर-पूर्व बिहार और मध्य असम के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर मणिपुर तक और बिहार से लेकर तमिलनाडु तक अलग-अलग ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं, जो मौसम में अस्थिरता पैदा कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे पहाड़ी इलाकों के मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश में इसके प्रभाव से 17 से 20 अप्रैल के दौरान बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इसके विपरीत, देश के बड़े हिस्से में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रायलसीमा में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार बना हुआ है। झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में भी अगले पांच दिनों में तापमान में पांच डिग्री तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, हालांकि 18 अप्रैल को वहां गर्जन के साथ हल्की बूंदाबांदी राहत दे सकती है। आने वाले 4 से 5 दिनों में गर्मी का सितम और गहराने वाला है। बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में अत्यधिक उमस लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी। वहीं कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में लू चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए लोग सावधानी बरतें, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी का यह प्रकोप और भी तीखा हो सकता है। फिलहाल, देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों को छोड़कर शेष हिस्सों में राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/15अप्रैल2026