-इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात का 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान इस्लामाबाद,(ईएमएस)। सऊदी अरब तीन अरब डॉलर का पाकिस्तान को लोन देगा। इससे पहले यूएई ने पाकिस्तान की शहबाज सरकार को कर्ज के हजारों करोड़ रुपए लौटाने को कहा था। ऐसे में सऊदी अरब की ओर से फाइनेंशियल सपोर्ट देने का ऐलान पाकिस्तान के लिए ऑक्सीजन से कम नहीं है। बता दें पाकिस्तान पर पहले से ही हजारों-लाखों करोड़ का कर्ज है। शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर का देश आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक के सामने अक्सर ही हाथ फैलाता रहता है। बता दें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पिछले दिनों ईरान जंग खत्म कराने के लिए अमेरिका और तेहरान के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक हुई थी। हालांकि, यह वार्ता बेनतीजा रही। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान को सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर का फाइनेंशियल सपोर्ट देने की बात कही है। यह मदद ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान को इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात को 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है, जिससे उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बताया कि रियाद ने न केवल 3 अरब डॉलर की नई डिपोजिट राशि देने पर सहमति जताई है, बल्कि पहले से मौजूद 5 अरब डॉलर के डिपॉजिट रोलओवर को भी लंबे समय के लिए बढ़ा दिया है। सऊदी वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है। बता दें पाकिस्तान इन दिनों गंभीर महंगाई की चपेट में है। वर्तमान में पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार करीब 16.4 अरब डॉलर के आसपास हैं, जिसमें से यूएई को किया जाने वाला 3.5 अरब डॉलर का भुगतान करीब 18 फीसदी हिस्सा है। ऐसे में सऊदी सहायता पाकिस्तान के लिए अहम है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के 7 अरब डॉलर के कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान जून तक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को 18 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यह कदम सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को दर्शाता है। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के मुताबिक यह सहायता देश की बाहरी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी और विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर बनाए रखने में सहायक होगी। औरंगजेब ने यह भी कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें यूरोबॉन्ड, कर्ज और कमर्शियल लोन शामिल हैं। बता दें सऊदी अरब पहले भी आर्थिक संकट के समय पाकिस्तान की मदद करता रहा है। 2018 में भी रियाद ने 6 अरब डॉलर का पैकेज दिया था, जिसमें 3 अरब डॉलर की नकद जमा और 3 अरब डॉलर की तेल आपूर्ति शामिल थी। पाकिस्तान पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हाल ही में ईरान के हमलों के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब में लड़ाकू विमान और सहायता विमान भी तैनात किए थे। सिराज/ईएमएस 15अप्रैल26