बोले...........मेरा कोई दोष नहीं, बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया -इलाहाबाद हाईकोर्ट में फुल कोर्ट रेफरेंस के दौरान दी विदाई प्रयागराज,(ईएमएस)। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव बुधवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में मुख्य न्यायाधीश की अदालत में शाम 4 बजे फुल कोर्ट रेफरेंस आयोजित किया गया, जिसमें सभी न्यायाधीशों, बार एसोसिएशन के सदस्यों और हाईकोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जस्टिस यादव भावुक नजर आए और अपने कार्यकाल से जुड़े विवादों तथा व्यक्तिगत अनुभवों को भी साझा किया। अपने संबोधन में जस्टिस शेखर कुमार ने कहा कि उनके खिलाफ उठे विवादों में उनका कोई दोष नहीं था, बल्कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा, अगर उस समय आप सबका साथ नहीं मिलता तो मैं टूट चुका होता। उन्होंने अधिवक्ताओं और सहकर्मियों के समर्थन के लिए आभार जताया। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में एक कार्यक्रम के दौरान ‘कठमुल्ला’ शब्द के प्रयोग को लेकर जस्टिस यादव विवादों में आ गए थे। इस बयान की व्यापक आलोचना हुई थी और उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। हालांकि उन्होंने अपने बयान पर खेद जताने से इनकार कर दिया था। उनके खिलाफ राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव भी लंबित रहा, जो अब उनके रिटायरमेंट के साथ स्वतः समाप्त हो जाएगा। विदाई समारोह में जस्टिस यादव ने अपने निजी जीवन के कठिन दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जज बनने के महज तीन महीने बाद उनकी पत्नी का निधन हो गया था, जो उनके जीवन का सबसे दुखद समय था। उस समय उन्हें सामाजिक और पेशेवर साथियों से मिला समर्थन उनके लिए संबल बना। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय उनका सामना करना चाहिए। अधिवक्ताओं को दे गए नसीहत अपने न्यायिक कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी वकील के साथ जाति या पद के आधार पर भेदभाव नहीं किया और हमेशा निष्पक्ष न्याय देने का प्रयास किया। जस्टिस यादव ने अधिवक्ताओं को भी नसीहत दी कि वे अदालत की गरिमा बनाए रखें और अपनी बात निडरता व ईमानदारी से रखें। उन्होंने पुराने समय की परंपराओं को याद करते हुए कहा कि अब कोर्ट रूम में अनुशासन पहले जैसा नहीं रहा। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, मैंने हमेशा प्यार दिया और बदले में प्यार पाया। जीवन में वही लौटकर आता है, जो हम दूसरों को देते हैं। हिदायत/ईएमएस 15अप्रैल26