:: निगम के बजट सत्र में राष्ट्रगीत के दौरान नहीं हुई थीं खड़ी, पुलिस ने माना सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास :: इंदौर (ईएमएस)। नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के समय खड़े न होने और चुप्पी साधे रखने के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। एमजी रोड पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों - फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान के विरुद्ध सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने के आरोप में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। यह कार्रवाई एक लिखित शिकायत की प्राथमिक जांच और पार्षदों के बयान दर्ज करने के बाद की गई है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडिशनल डीसीपी) अमरेंद्र सिंह के अनुसार, बीते 8 अप्रैल को बजट सत्र की शुरुआत के दौरान जब राष्ट्रगीत का गायन हो रहा था, तब पार्षदों ने कथित तौर पर इसमें हिस्सा नहीं लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए राष्ट्रगीत का सम्मान करने से इनकार किया, जिससे सदन की गरिमा और सामाजिक सद्भाव प्रभावित हुआ। :: जांच के बाद बीएनएस की धारा 196 में केस :: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पिछले दो दिनों में दोनों पार्षदों को तलब कर उनके बयान दर्ज किए थे। जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों को संज्ञेय मानते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में राष्ट्रगीत का सम्मान एक स्थापित परंपरा है और इसका उल्लंघन वैधानिक जांच का विषय है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है, जिसमें सदन की वीडियो फुटेज और अन्य गवाहों के बयान भी शामिल किए जा सकते हैं। प्रकाश/15 अप्रैल 2026